जिले में लंपी का प्रकोप थम नहीं रहा है। सोमवार को पंद्रह और पशुओं में लंपी के लक्षण मिले हैं। इसके साथ ही पशुओं की संख्या बढ़कर 391 पहुंच गई है। जबकि सवा लाख के करीब पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं अब तक जिले में लंपी से तीन गोवंशों की मौत हो चुकी है। जबकि रिकवरी रेट 95 फीसदी रिकवरी है।
देश के करीब 15 राज्यों व 251 जिलों में फैला लंपी वायरस गोवंशों को धीरे-धीरे अपनी चपेट में ले रहा है। लंपी पीड़ित गोवंशों की बढ़ती तादाद के मद्देनजर जिले में वैक्शीन लगाने की गति भी तेज कर दी गई है। प्रतिदिन पांच से छह हजार गोवंशों को वैक्शीन दी जा रही है। जिले में सोमवार को पांच हजार गोवंशों को वैक्शीन लगाई गई है। जिसके बाद सोमवार शाम तक कुल 1 लाख 21 हजार गोवंशों को वैक्शीन दी जा चुकी है। जबकि, 19 हजार वैक्शीन अभी पशुधन विभाग के पास मौजूद है। लंपी की बीमारी पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 टीमें गठित की गई है। जो गांव गांव गोवंशों पर नजर रखें हुए है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम का कहना है कि इलाज से 95 फीसदी पशु लंपी की बीमारी से ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई पशु लंपी आशंकित मिलता है तो इसकी जानकारी नजदीकी पशु चिकित्साधिकारी को दें या हमारे टोल फ्री नंबर 05922253430 पर काल कर सकते हैं।