अमरोहा। कोरोना संक्रमण के चलते मंगलवार को जिलेभर के अस्पतालों में मॉक ड्रिल कराई गई। जिला अस्पताल समेत कई सीएचसी में कोरोना संबंधित दवाई कम मिली। जबकि इसको लेकर शासन को मांग भेजी जा रही है। शासन के निर्देश पर मंगलवार को जोया, गजरौला, बछरायूं, ढबारसी और हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल कराई गई। इन सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट भी हैं। मॉकड्रिल सुबह करीब 11 बजे से चार बजे तक हुई। जिला अस्पताल में शासन से नियुक्त मंडलीय सर्विलांस डॉ. नवीन रस्तौगी की मौजूदगी में कराई गई, जबकि जोया के अस्पताल में सीएमओ डॉ. राजीव सिंघल रहे। मॉक ड्रिल के दौरान ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति, ऑक्सीजन प्लांट की पाइप लाइन से वार्ड तक ऑक्सीजन पहुंचने की स्थिति, ऑक्सीजन कंस्ट्रक्टर चालू हालात में हैं या नहीं। दवाइयों की उपलब्धता, वेंटिलेटर की स्थिति को देखा गया। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल, जोया, ढबारसी और बछरायूं में कोरोना सें संबंधित एजिथ्रोमाइसिन समेत कई दवाइयों की उपलब्धता कम पाई गई है। ऐसे में शासन को मांग भेजी जा रही है। वहीं, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ व चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को फिर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शासन के निर्देश पर छह सरकारी अस्पतालों में मॉक ड्रिल कराई गई। सभी जगह व्यवस्था मुकम्मल मिली हैं। कुछ अस्पतालों में दवा कम मिली है। ऐसे में शासन को मांग भेजी जा रही है। मॉक ड्रिल के बाद डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की जरूरत प्रतीत हो रही है। जल्द ही स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। -डॉ. राजीव सिंघल, सीएमओ
हसनपुर और ढबारसी में व्यवस्था मिली दुरुस्त
हसनपुर/ढबारसी। कोरोना को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट चालू करके देखा गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढबारसी में मॉक ड्रिल किया गया। हसनपुर में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ध्रुवेंद्र सिंह ने ऑक्सीजन प्लांट चालू कराया। बटन दबाने पर ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गया और सप्लाई करने लगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक साथ तीस बैड पर ऑक्सीजन की सप्लाई की जा सकती है। उधर, ढबारसी में एसीएमओ डॉ.मयंक, व डॉ.आरिफ समी ने मॉकड्रिल कराया। ऑक्सीजन प्लांट चलाकर देखा। उन्होंने बताया कि बीच-बीच में ऑक्सीजन प्लांट को चालू करके देखा जाता रहता है। कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। प्लांट से क्षमता के अनुसार ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।
गजरौला में मॉक ड्रिल के दौरान एसीएमओ ने चलाकर देखा ऑक्सीजन प्लांट
गजरौला। सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए मंगलवार की दोपहर साढ़े 12 बजे एसीएमओ डा.राजेश गंगवार द्वारा मॉक ड्रिल किया गया। उन्होंने सीएचसी का ऑक्सीजन प्लांट चलाकर देखा। इसमें प्रेशर आ रहा है या नहीं। कितनी ऑक्सीजन बना रहा है।ऑक्सीजन की शुद्घता कितनी प्रतिशत है। ऑक्सीजन के पाइप चेक किए कि कहीं लीक तो नहीं हो रहे हैं। मशीन से पाइप तक का प्रेशर चेक किया। सीएचसी में लगे ऑक्सीजन कंसंटेटर देखे।ऑक्सीजन सिलिंडर चलाकर देखे उनमें ऑक्सीजन है या नहीं। सीएचसी में कोविड से निपटने के लिए दवाओं की उपलब्धता चेक की। मॉस्क और पीपी किट चेक किए। मॉक ड्रिल में कोविड की तीसरी लहर की दवाई को छोड़ सारी उपलब्ध पाई गईं। ऑक्सीजन प्लांट 45 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से बना रहा था। और उसकी शुद्घता 93 प्रतिशत पाई गई।
चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध नहीं
बछरायूं। कोरोना से निपटने के लिए मंगलवार की सुबह संयुक्त चिकित्सालय पर तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल किया गया। अस्पताल परिसर में स्थित ऑक्सीजन प्लांट चालू कर देखा गया। ऑक्सीजन प्लांट सही हालत में चल गया। 10 बेड का कोविड वार्ड भी तैयार पाया गया। यहां अस्पताल में कुल 39 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगे पाए गए। चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध नहीं थी। चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक वर्मा ने बताया कि मॉक ड्रिल का सिस्टम बदल गया है। वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनौरा पर मॉकड्रिल बुधवार को होगी।