जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज
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गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के गांव जयतौली की महिला ग्राम प्रधान की बुखार से मौत हो गई। उनकी मुस्लिम युवक से शादी हुई थी। परिजन उनका दफीने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस दफीना रुकवा दिया। ग्रामीणों का तर्क था कि प्रधान हिंदू थीं और दूसरे कारणों से भी उनकी मौत हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 40 वर्षीय ग्राम प्रधान रजनी को पिछले सात दिनों से बुखार आ रहा था। शुरू में परिजनों ने पास के ही चिकित्सक से उपचार करवाया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लगातार प्लेटलेट्स कम होती चली गई।
बृहस्पतिवार की रात को उपचार के दौरान मेरठ में मौत हो गई। मृतका ने अपने पीछे दो बच्चे छोड़े हैं। रजनी अनुसूचित जाति से थीं। बताते हैं कि पंचायत चुनाव के दौरान ग्राम पंचायत जयतौली की सीट अनुसूचित जाति वर्ग में आरक्षित हो जाने से गांव निवासी नाजिम ने चुनाव लड़ने के लिए बुलंदशहर निवासी रजनी से शादी की थी। जो उस समय चर्चा का विषय रहा था।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि रजनी की मौत के बाद उसका शव का दफीना किए जाने की तैयारी चल रही है। मांग की गई थी कि रजनी के शव को उसके धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए। वहीं, उन्होंने अन्य कारणों से भी मौत होने की आशंका जताई।
सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर पूछताछ की। सीओ अरुण कुमार ने बताया कि रजनी बुखार से पीड़ित चल रही थी। हालांकि, ग्रामीणों की मांग पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है । धर्म के अनुसार ही अंतिम संस्कार कराया जाएगा।
तीन डेंगू के नए मरीज मिले
मौसम में पूरी तरह बदल चुका है। सर्दी भी पड़नी शुरू हो गई, लेकिन बुखार के साथ-साथ डेंगू का असर होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में डेंगू आशंकित 11 मरीज पहुंचे। जिनका रेपिड टेस्ट कराया गया। जांच में तीन मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई। सीएमएस डॉ. प्रेमा पंत त्रिपाठी ने बताया कि जिला अस्पताल के वार्डाें में बुखार के 14 मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं, डेंगू के चार मरीज भर्ती हैं।