खेत से लौट रहे अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर रॉड व धारदार हथियारों से हमला कर मरणासन्न हालत में पहुंचा देने में पिता-पुत्र फंस गए हैं। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ छह महीने 20 दिन बाद केस दर्ज किया है।
थाना क्षेत्र के गांव खुंगावली निवासी राजकुमार वाल्मीकि ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक 23 मार्च-22 की दोपहर दो बजे वह खेत से बकरी लेने गयाथा। वह बकरी लेकर लौटते समय खुंगावली प्राथमिक विद्यालय के पीछे पहुंचा था। यहां पर पहले से ही घात लगाए बैठे थे। आरोप है कि उसको देखते ही आरोपियों ने गालीगलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। विरोध करने पर लोहे की रॉड व धारदार हथियारों से उस पर जान से मारने की नीयत से हमलाकर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके चीखने चिल्लाने पर गांव के लोग दौड़े। जिनको देख उसे अधमरा समझ खेत में फेंक गए। सूचना पाकर यूपी-112 पहुंची। घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। उसका उपचार कराया गया। उसने थाना पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
आरोपी उसे धमकी देते रहे कि इस बार तो बच गया लेकिन आगे नहीं बचेगा। साथ ही गांव छोड़ने की धमकी। पीड़ित ने 31 मार्च-22 को डाक द्वारा एसपी को प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर उसने कोर्ट की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर विजेंद्र खड़गवंशी व उसके पिता ओमवीर के खिलाफ गाली गलौज और मारपीट करने व एससी एवं एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।