हसनपुर/अमरोहा। दि किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर से जुड़े हजारों किसानों के लिए राहत की भरी खबर है। मिल से जुडे़ जिन किसानों का गन्ना भुगतान किसी कारणवश 2002-03 से रुका हुआ है। अनेकों बार मांग करने के बावजूद भी भुगतान नहीं मिल पाया। ऐसे किसानों को उनका रुका हुआ भुगतान पाने का एक और मौका दिया है। इसका निर्णय सामान्य निकाय की बैठक में लिया गया है। किसानों को 30 नवंबर तक अपने जरूरी प्रपत्र चीनी मिल में जमा करने होंगे। प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 60 दिन बाद भुगतान हो जाएगा।
दि किसान सहकारी चीनी मिल गजरौला हसनपुर में सामान्य निकाय की बैठक में निर्णय लिया गया है कि उन किसानों का गन्ना भुगतान भी किया जाएगा। जो बीस साल से भटक रहे हैं। इसी क्रम में चीनी मिल के सत्र 2002- 2003 से 2016- 2017 की बकाया गन्ना भुगतान की सूचियां सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई हैं। सूचना प्रकाशन की तिथि से 60 दिन के अंदर कृषक अपने प्रपत्र जमा कर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं अन्यथा की स्थिति में अवशेष धनराशि को कृषकों के हित में गन्ने के नवीनतम यंत्रों की खरीद के लिए फार्म मशीनरी बैंक में शामिल कर लिया जाएगा। प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 20 वर्ष पुराना गन्ना भुगतान मिलने की सूचना से किसानों में खुशी का माहौल है।
किसान ये प्रपत्र लेकर पहुंचें चीनी मिल
हसनपुर। करीब बीस वर्ष पुराना भुगतान लेने के लिए संबंधित किसानों को आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक की प्रति लेकर चीनी मिल पहुंचना है। यहां वह गन्ना कार्यालय से क्लेम फार्म लेना होगा। क्लेम फार्म में कब, किस तिथि में गन्ना डाला गया था, कितने क्विंटल गन्ना था। इससे संबंधित तमाम जानकारियां भरनी होगी। इसके बाद क्लेम फार्म के साथ आधार कार्ड की प्रति और बैंक पासबुक की प्रति साथ लगाकर जमा कर देनी है।
बयान
- जिन किसानों का वर्ष 2002-03 से वर्ष 2016-17 तक का गन्ना भुगतान किसी कारणवश रह गया है। उन्हें भी गन्ना भुगतान कराया जाएगा। संबंधित किसान अपने प्रपत्र चीनी मिल में शीघ्र जमा करा दें। जिससे समय से उन्हें गन्ने का भुगतान कराया जा सके। यह किसानों के पास आखिरी मौका हैं। यदि अब भी किसानों ने प्रपत्र जमा नहीं कराए तो फिर यह मौका नहीं मिलेगा। राहुल यादव, जीएम, दि किसान सहकारी चीनी मिल, गजरौला हसनपुर।