अमरोहा। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा लगाने के चौबीस घंटे बाद हटाने को लेकर किसान और राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारी का आंदोलन बुधवार की रात दस बजे तक चला। रातभर अधिकारी और किसान नेता मौके पर डटे रहे। लगातार माहौल गरमाता रहा। प्रतिमा स्थापित होने के बाद किसानों ने विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। बृहस्पतिवार को भी कई किसान नेता प्रतिमा देखने मौके पर पहुंचते रहे।
मध्य गंगा नहर फेज टू में ट्रायल के लिए दूसरी वार हरिद्वार बैराज से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ये पानी मंगलवार की दोपहर बाद नहर में पहुंच गया। सिंचाई विभाग की ओर से रजबपुर क्षेत्र में मूलकटा गांव के पास छोटा डैम बनाया गया है। यहां से बहजोई और चंदौसी के लिए पानी छोड़ा जाएगा। फिलहाल बहजोई को जाने वाली नहर को चालू किया गया है।
इस डैम पर सिंचाई विभाग की ओर से सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा लगाई गई थी। जिसे लेकर किसान संगठन के लोग खुश थे लेकिन नहर में पानी छोड़ जाने के बाद मंगलवार की रात किसी समय प्रतिमा को हटा दिया गया। बुधवार की सुबह जब इसकी जानकारी भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी को हुई तो उनका गुस्सा भड़क गया। थोड़ी देर में भाकियू नेता और रालोद के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। यहां सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों ने सिंचाई विभाग द्वारा लगाई गई प्रतिमा को सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों की शह पर हटवाने का आरोप लगाया।
दोपहर में एसडीएम धनौरा वहां पहुंचे और देर शाम तक प्रतिमा को मौके पर लगवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद करीब दस बजे प्रतिमा लगाने पर विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह ने बताया कि किसानों के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा को लगाने के बाद हटा दिया गया था। जिसे लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था लेकिन मौके पर सिचाई विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में एसडीएम और सीओ धनौरा से हुई वार्ता के प्रतिमा को लगा दिया गया। जिसके बाद सभी गलत फहमियां दूर हो गई। सिचाई विभाग द्वारा किसानों के बताए मुताबिक कार्य किया जा रहा है। अगर दोबारा प्रतिमा से छेड़छाड़ की गई तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।