अमरोहा। मध्य गंगा नहर में गई जमीन का सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग को लेकर कूबी में 226 दिन से धरने पर बैठे 100 से अधिक किसानों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित पत्र डीएम को सौंपकर इच्छा मृत्यु मांगी है। किसानों ने कहा कि जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।
मंगलवार को रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव कूबी, मोहनपुर, रामपुर घना के किसान एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि तीनों गांव के किसानों की जमीन मध्य गंगा नहर में चली गई है। प्रशासन ने वर्ष 2011 में जमीन को अधिग्रहण कर लिया था लेकिन, उस समय किसी को मुआवजा नहीं दिया था। अब जमीन की कीमत काफी अधिक हो गई है। प्रशासन उनको पहले सर्किल रेट से ही जमीन के दाम दे रहा है। किसान उस पर बिल्कुल सहमत नहीं हैं। उन्हें मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा दिया जाए। आरोप लगाया कि प्रशासन जबरदस्ती नहर की खुदाई करने की कोशिश कर रहा है। जिससे किसानों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानी हो रही है। प्रशासन द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। कहा कि जमीन जाने के बाद सैकड़ों किसानों के परिवार सड़क पर आ जाएंगे। मानसिक परेशानी के कारण किसानों के मन में आत्महत्या करने जैसे विचार आ रहे हैं। किसानों की स्वतंत्रता का हनन किया जा रहा है। इसलिए प्रार्थना पत्र को स्वीकार करके जमीन का सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिलाया जाए या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। इस दौरान मोबिन अहमद, जसवंत सिंह, अतीउर्रहमान, गौहर अली, महिपाल सिंह, मदन सिंह, पिंकू, छोटे, महेंद्र सिंह, नन्हे, यशपाल, अफरीदी, नरेश सिंह, असलम, अनीस, रीना, आदेश, उरमेश, वीरवती, चेतन देवी आदि किसान मौजूद रहे।
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