भाकियू चौहान की बैठक में बिजली, गन्ना और छुट्टा पशुओं को संरक्षण दिए जाने के मुद्दे छाए रहे। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी उम्मेद सिंह ने कहा कि किसानों को उनके खुद के काम के लिए मिट्टी उठाने पर भी परेशान किया जाता है। उन्होंने मांग की कि अपने काम के लिए मिट्टी उठाने पर किसानों को परेशान न किया जाए। साथ ही 5009 गन्ना प्रजाति को गन्ना विभाग की ओर से सामान्य प्रजाति में शामिल किया जा रहा है, जो गलत हैं। उन्होंने इस प्रजाति को अगेती में शामिल किए जाने और चीनी मिलों को 25 अक्तूबर तक चलाए जाने की मांग रखी।
बिजली के मीटरों को ध्यान में रखते हुए सही बिल निकाले जाने, सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में संरक्षित किए जाने, एनपीके, डीएपी व यूरिया के साथ अन्य कीटनाशक का देना बंद करने की मांग रखी गई। किसानों की ई-केवाइसी होने के बाद भी सम्मान निधि की राशि न पहुंचने पर इसे ठीक कराने की भी मांग भी रखी गई। बैठक में बिजली अधिकारियों के समय पर न पहुंचने के कारण किसानों आक्रोशित हो गए। गुस्साए किसान कलक्ट्रेट से उठकर जोया मार्ग पर पहुंच गए। थोड़े समय बाद बिजली अधिकारियों के पहुंचने की सूचना पर किसानों ने बिजली अधिकारियों पर जमकर भड़ास निकाली। बिजली अधिकारियों के सामने किसानों ने अपनी समस्याओं को रखा। जिसमें उन्होंने जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, महीपाल सिंह सैनी, आदेश कुमार, रोहताश सिंह, हाजी मुस्तकीम, बीना देवी, हेमेंद्र चौधरी आदि शामिल रहे।