अमरोहा। नकली देसी घी तैयार करने का धंधा दिल्ली एनसीआर में चल रहा है। वहां तैयार करने के बाद उसे दूसरे जिलों में खपाया जा रहा है। ये नकली देसी घी एक किलो के साथ एक किलो फ्री स्कीम के साथ बेचा जा रहा था। सस्ता मिलने के लालच में लोग खूब खरीद रहे थे। घी, पनीर, खोया व अन्य सामान को बेचने के लिए पंफ्लेट बांटकर प्रचार किया जा रहा था। पुलिस को मौके से पांच हजार पंपलेट भी मिले हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने आरोपी शादाब के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। वहीं पुलिस ने शादाब को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस नकली देसी घी तैयार करने वाले नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
बुधवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिंद्र सिंह व खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार की मौजूदगी में टीम ने अमरोहा नगर के मोहल्ला सट्टी स्थित दुकान पर छापा मारा था। यहां प्लास्टिक के ड्रमों में भरा साढ़े तीन क्विंटल नकली देसी घी पकड़ा। ये घी 700 रुपये में दो किलो बेचा जा रहा था। खाद सुरक्षा अधिकारी ने घी के नकली होने का दावा किया। टीम ने घी बेचने वाले जनपद गाजियाबाद के मोदीनगर थानाक्षेत्र के गांव बेगम बाग बुदाना के रहने वाले शादाब को पकड़ लिया। इस दौरान एक युवक ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने नकली घी बेचने वाले शादाब और हंगामा करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस की मौजूदगी में टीम ने घी को कब्जे में लेकर सील कर दिया। टीम ने घी को पुलिस के सुपुर्दे कर दिया।
इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने आरोपी शादाब आपके साथ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि अब तक की जांच के सामने आया है कि नकली घी दिल्ली एनसीआर में तैयार किया जा रहा है और बाद में उस घी को दूसरे जिलों में जाकर बेचा जाता है। जो लोग नकली घी को बेचने का धंधा करते हैं, वह एक शहर में दो से तीन दिन रुकते हैं, इसके बाद वहां से भाग जाते हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है, इसके कौन-कौन लोग शामिल हैं, पता लगाया जा रहा है।
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इन चीजों से बनता है नकली देसी घी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिंद्र सिंह ने बताया कि नकली घी बनाने में रंग, चरबी, एसेंस (देसी घी की सुगंध वाला केमिकल), पॉमोलीन (पॉम आयल) और वनस्पति घी का प्रयोग किया जाता है। दिखावे के लिए थोड़ा सा असली देसी घी भी डाला जाता है। जिससे उसकी खुशबू असली घी की तरह बनी रहे।
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शरीर के लिए खतरनाक, कैंसर तक का खतरा
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मिलावटी चीजों के इस्तेमाल से किडनी, लीवर और दिल पर असर पड़ता है। इनसे कैंसर तक हो सकता है। पेट और स्किन के रोग तो तत्काल दिखाई देने लगते हैं, लेकिन बाकी गंभीर बीमारियां धीरे-धीरे घेरती है।
नकली घी की ऐसे करें पहचान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिंद्र सिंह ने बताया कि घी मिलावटी है या नहीं। इसका पता लगाने के लिए आप एक चम्मच घी गर्म कर लें। अगर घी तुरंत पिघल जाता है और इसका रंग बदलकर भूरा हो जाता है तो यह शुद्ध देशी घी है। अगर घी पीले रंग में बदलता है तो यह मिलावटी है।