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Amroha News: आंखों के ऑपरेशन शुरू, मरीजों की लंबी लगी कतार, भटक रहे बीमार

Wed, 01 Mar 2023 12:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन के तबादले के करीब छह महीने बाद फिर से आंखों के ऑपरेशन होने शुरू हो गए हैं। बरेली से अमरोहा पहुंचे डॉ. अनिल कुमार ने ऑपरेशन करना शुरू कर दिया है। करीब 300 मरीज को ऑपरेशन की लाइन में लगे हुए थे, उन्हें अब सहूलियत मिल सकेगी। उनके ऑपरेशन हो सकेंगे।जिला अस्पताल में एकमात्र नेत्र सर्जन टीपी सिंह तैनात थे। उनका तबादला हापुड़ हो गया था। दिसंबर के पहले सप्ताह में सीएमएस ने उन्हें रिलीव कर दिया गया। ऐसे में करीब 300 मरीजों का ऑपरेशन लटक गया था। उनके जाने के बाद ओपीडी और ऑपरेशन कक्ष में ताला लटक गया था। ऐसे में आंखों के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तमाम मरीज इस उम्मीद के साथ अस्पताल आते थे कि डॉक्टर के आने पर वह अपना ऑपरेशन कराएंगे। स्थिति ये थी कि ऑपरेशन की उम्मीद में रोजाना अस्पताल के चक्कर लगा रहे थे।
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सीएमएस प्रेमा पंत त्रिपाठी ने शासन को पत्र लिखकर नेत्र सर्जन की मांग की थी। वहीं अमर उजाला ने मरीजों की समस्याओं को प्रमुखता के साथ उठाया था, जिसका शासन ने संज्ञान लिया और बरेली में तैनात वरिष्ट नेत्र सर्जन अनिल कुमार गौतम को तबादला कर अमरोहा भेजा। नेत्र सर्जन ने 23 जनवरी को ज्वाइन कर लिया था, जिसके बाद वह 2 फरवरी को छुट्टी से लौटे और ओपीडी शुरू कर दी थी। इसके बाद शनिवार से चिकित्सक अनिल कुमार ने आंखों के ऑपरेशन शुरू कर दिए।
उन्होंने बताया कि आंखों के ऑपरेशन शुरू कर दिए गए हैं, जो मरीज ओपीडी में आ रहे हैं उन्हें ऑपरेशन के लिए तिथि दी जा रही हैं। सप्ताह में तीन दिन ओपीडी देखेंगे। साथ ही तीन दिन ऑपरेशन किए जाएंगे। मंगलवार को उन्होंने ओपीडी देखी।
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जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी
फिजीशियन के 2 पद हैं, जबकि एक डॉक्टर तैनात हैं। चेस्ट फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट के एक-एक पदों पर आज तक डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी। एनेस्थीसिया के 2 पदों पर एक डॉक्टर तैनात है। जनरल सर्जन के दो पद में से एक डॉक्टर की तैनाती है। ऐसे ही नेत्र सर्जन के दोनों पदों में से एक पर चिकित्सक की तैनाती है। रेडियोलॉजिस्ट के 2 पदों में से एक ही डॉक्टर है, जबकि एक पद खाली है। अधीक्षक परामर्शदाता का एक पद है, वह भी खाली है।

मुझे आंख बनवानी है। मैं जिला अस्पताल के तीन चक्कर लगा चुका हूं, लेकिन अभी तक मेरी आंखों की जांच नहीं हुई है और न ही मुझे ऑपरेशन की कोई तारीख मिली। सोमवार को चौथीवार जिला अस्पताल आया हूं। कभी डॉक्टर नही मिलते तो कभी सर्जरी का सामान नहीं होता। - प्रकाश सिंह, मरीज, रामपुर जुन्नारदार

मैं सोमवार को पहली बार जिला अस्पताल में आंखों की जांच कराने आई हूं। काफी दिनों से आंखों की जांच करने के लिए परेशान थी। सुबह से डॉक्टर के कक्ष के बाहर बैठी हूं और अपनी बारी आने का इंतजार कर रही हूं। जांच के बाद आंखें बनने का पता लगेगा। - हसीना, मरीज, आजमपुर मंडी धनौरा
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