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निजी नलकूपों पर बिजली मीटर लगाने के नाम पर बंद हो शोषण

सार

अपनी मांग का ज्ञापन डीएम बीके त्रिपाठी को सौंपते हुए कहा कि निजी नलकूप पर विद्युत मीटर लगाने में आने वाले 4500 रुपये प्रति नलकूप के बेवजह खर्च को खत्म कर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पर ही मीटर लगवा कर ऊर्जा खपत का आंकलन किया जाए। जिसको विद्युत विभाग 10 किलोवाट यानी करीब 15 हॉर्स पावर मानकर घर बैठे लोड की फिटिंग कर रहे हैं। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता के साथ संबंधित संविदा कर्मियों पर दी जाए।
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विस्तार
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भाकियू भानू गुट ने निजी नलकूपों पर लगाए जा रहे विद्युत मीटर के नाम पर होने वाले शोषण को रोकने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। अपनी मांग का ज्ञापन डीएम बीके त्रिपाठी को सौंपते हुए कहा कि निजी नलकूप पर विद्युत मीटर लगाने में आने वाले 4500 रुपये प्रति नलकूप के बेवजह खर्च को खत्म कर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पर ही मीटर लगवा कर ऊर्जा खपत का आंकलन किया जाए। प्रदेश में 90 फीसदी से अधिक किसान साढ़े सात हॉर्स पावर की विद्युत मोटर का प्रयोग कर रहे हैं। जिसको विद्युत विभाग 10 किलोवाट यानी करीब 15 हॉर्स पावर मानकर घर बैठे लोड की फिटिंग कर रहे हैं। दफ्तरों में बैठकर रीडिंग भरी जा रहे हैं। विद्युत विभाग दोगुना लोड मानकर घर बैठे अपनी मर्जी से रीडिंग भर रहे हैं। जिससे किसानों में रोष है। नई गाइडलाइन के अनुसार 25 केवीए के एक ट्रांसफार्मर पर एक ही नवीन विद्युत कनेक्शन देने के निर्देश आए हैं। कम से कम दो नवीन कनेक्शन दिए जाएं। जिससे किसान को एस्टीमेट आधा-आधा बट जाए।
विद्युत सब-डिवीजन जिस स्थान के नाम पर खुले हैं, वहीं संचालित किए जाएं। घरेलू विद्युत मीटरों की रीडिंग प्रतिमाह ली जाए। समय पर बिल न आने से उपभोक्ता पर आर्थिक रूप से दोगुना भार पड़ता है। बिजली विभाग द्वारा जारी किसान का मानसिक, वित्तीय शोषण रोका जाए। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर 30 फीसदी तेज भागते हैं या जंप मारे जाते हैं। निर्धारित अवधि में खराब मीटर को बदलवाया जाए। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता के साथ संबंधित संविदा कर्मियों पर दी जाए। प्राइवेट टेंडर निरस्त किए जाएं। इस दौरान चौधरी धर्मवीर सिंह, कैलाश चौहान, टीकाराम सैनी, महिपाल सैनी, शीशपाल सिंह, सरोज बाला, पूनम चौधरी आदि मौजूद रहे।
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