अमरोहा। बिना किसी नोटिस के बिजली घरों पर एसएसओ के रूप में तैनात पूर्व सैनिकों ने कलक्ट्रेट पर हंगामा किया। बाद में उन्हें हटाए जाने के विरोध में डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए जांच कराने की मांग की है। पूर्व सैनिकों के ज्ञापन पर डीएम ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों का वार्ता के लिए बुलाया।
बिजलीघरों पर पूर्व सैनिकों को सब स्टेशन ऑपरेटर (एसएसओ) के रूप में संविदा पर तैनाती दी गई थी। वर्तमान में जिले में 33 बिजली उपकेंद्रों पर 132 एसएसओ की तैनाती चल रही थी। लेकिन इसी बीच पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी की ओर से बिना किसी पूर्व नोटिस के उनको हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। जिसके विरोध में पूर्व सैनिक काफी दिनाें से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को कार्यरत सभी पूर्व सैनिकों ने इस्तीफे की घोषणा करते हुए एसडीओ को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे।
बृहस्पतिवार को एसएसओ प्रदीप गिल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक कलक्ट्रेट पहुंचे और विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम न्यायिक मायाशंकर यादव को सौंपा। बाद में डीएम ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को बुलाकर इस संबंध में वार्ता की। डीएम राजेश कुमार त्यागी ने बताया कि पूर्व सैनिकों की मांगों के संबंध में पीवीवीएनएल के एमडी को अवगत कराया जाएगा।
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एक सब स्टेशन पर हो एक की तैनाती
एसएसओ प्रदीप गिल ने बताया कि जनपद में 33 बिजलीघरों पर चार-चार पूर्व सैनिकों की तैनाती है। इस तरह से 132 पूर्व सैनिक एसएसओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लेकिन, पिछले दिनों ऊर्जा निगम की ओर से 70 बिजलीघरों पर एक-एक पूर्व सैनिक की तैनाती करने के आदेश जारी कर दिए गए। इसके बाद केवल 70 पूर्व सैनिक की एसएसओ के रूप में तैनाती पा सकेंगे। जबकि बाकी हटा दिए जाएंगे। जबकि, 33 विद्युत उपकेंद्रों का एग्रीमेंट 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक है। ऐसे में बिना कारण ही पूर्व सैनिकों के साथ शोषण किया जा रहा है।