अमरोहा। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को अमरोहा लोकसभा सीट पर चुनाव होगा। इस बार चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम व वीवीपैट पर जीपीएस से नजर रखी जाएगी, क्योंकि जिन वाहनों में इन मशीनों को रखा जाएगा, उनमें जीपीएस लगाया जाएगा। ईवीएम के उपयोग संबंधी जितने भी कार्य होंगे, उनमें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा। इतना ही नहीं ईवीएम को मतदान केंद्रों में भेजने से पहले भी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन्हें सील किया जाएगा।
चुनावों में ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनाव के लिए तकरीबन 2053 ईवीएम और इतने ही वीवीपैट मशीनें हैं। वीवीपैट मशीन पर मतदाता यह देख सकता है कि जो वोट उसने डाला है, वह किसे गया है। अक्सर चुनाव में हार के बाद प्रत्याशी ईवीएम मशीनों पर सवाल उठाते हैं। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने ईवीएम के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता बरतने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसी के तहत चुनाव में लगे वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा होगा, ताकि इससे निगरानी की जाएगी।
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार जीपीएस लगे वाहन अथवा मोबाइल एप आधारित जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से ईवीएम और वीवीपैट की आवाजाही की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। डीएम राजेश कुमार त्यागी ने बताया कि वेब पोर्टल अथवा मोबाइल एप के माध्यम से ईवीएम और वीवीपैट की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में ईवीएम नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यहां से ईवीएम वाले वाहनों पर लगातार नजर रखी जाएगी और इसकी रिकॉर्डिंग भी होगी, जिससे यह पता चल सकेगा कि वाहन किस रास्ते से कहां तक गए हैं।