मंडी धनौरा। वेव इंडस्ट्रीज के डिस्टलरी प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने व गन्ना मूल्य भुगतान के विरोध में भारतीय किसान यूनियन टिकैत का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को वेव इंडस्ट्रीज के प्रबंधन के साथ भाकियू कार्यकर्ताओं की दो दौर की वार्ता हुई लेकिन किसी भी नतीजे पर नहीं पहुची। भाकियू नेताओं ने दो टूक कह दिया कि क्रियान्वन तक धरना जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने बृ़हस्पतिवार को सड़क जाम की थी। बाद में डिस्टलरी प्लांट में बेमियादी धरना शुरू कर दिया था। उनकी मांग थी कि डिस्टलरी प्लांट में स्थानीय युवाओं को 60 प्रतिशत नौकरी दी जाए और गन्ना मूल्य भुगतान खरीद के 14 दिन के भीतर किया जाए। शुक्रवार को वेव इंडस्ट्रीज के प्रबंधन के साथ भाकियू नेताओं की वार्ता हुई। भाकियू की युवा इकाई के प्रदेश महासचिव गुरमीत सिंह ने बताया कि वार्ता के दौरान वेव इंडस्ट्रीज का प्रबंधन हठधर्मिता पर उतारू था। डिस्टलरी प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने के अपने फैसले पर पुर्नविचार के लिए प्रबंधन राजी नहीं था। गन्ना मूल्य भुगतान के बारे में भी प्रबंधन ने कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया। पहले दौर की वार्ता का भाकियू कार्यकर्ता बहिष्कार कर बाहर आ गए। दोपहर बाद एसडीएम राजीव राज की मौजूदगी में दोबारा से वार्ता हुई। उसमें भी कोई सहमति नहीं बनी। वार्ता में शामिल रहे भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष सुभाष चीमा ने बताया कि डिस्टलरी प्लांट का प्रबंधन स्थानीय युवाओं को नॉन स्किल्ड बता रहा था। प्रबंधन पर किसानों का अपमान करने व हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ता बाहर आ गए। भाकियू कार्यकर्ता डिस्टलरी प्लांट के बाहर धरनेे पर बैठे थे। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर जयपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, जयकीरत सिंह, सौवीर सिंह, बाेबी चाहल, लवेंद्र भाटी, राजीव राठी आदि मौजूद थे।