गजरौला। यातायात पुलिस द्वारा पकड़ कर सौंपी आयशर कैंटर चौपला चौकी से गायब हो गई। चर्चा है कि आयशर कैंटर को पुलिस ने मोटी रकम लेकर उसी को दे दिया है, जो फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर चला रहा था। फर्जी नंबर प्लेट से चल रही आयशर कैंटर का 28 मई को अमरोहा में भी चालान किया गया था।
यातायात पुलिस कर्मी विनोद कुमार वाजपेयी ने बताया कि मंगलवार की शाम छह बजे वह चौपला पर यातायात को संभाल रहे थे। ज्येष्ठ दशहरा के चलते उनकी ड्यूटी चौपला पर लगी थी। इसी बीच उनके पास एक शख्स आया। उसने उनसे शिकायत करते हुए कहा कि 28 मई को उसकी आयशर कैंटर का अमरोहा में चालान कट गया है, जबकि उसकी गाड़ी घर खड़ी है। कोई उनकी गाड़ी की नंबर प्लेट को इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद वह गाड़ी की खोजबीन में लग गए। उन्होंने चौपला से करीब दो सौ मीटर दूर आयशर कैंटर को पकड़ा। उस पर फर्जी नंबर प्लेट थी। उनको देख चालक मौके से भाग गया था। उन्होंने गाड़ी के बारे में आस पास के लोगों से भी जानकारी की। इसके बाद गाड़ी गजरौला चौपला पुलिस को सौंप दी। मगर इसके बाद गाड़ी गायब हो गई। चर्चा है कि पुलिस ने मोटी रकम लेकर आयशर कैंटर उसी को दे दी है, जो फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर गाड़ी चला रहा था। जबकि उससे किसी वाहन चोरी का सुराग मिल सकता था।
चौपला पुलिस झूठ बोल रही या यातायात पुलिस
गजरौला। यातायात पुलिसकर्मी विनोद कुमार का कहना है कि उन्होंने गाड़ी को पकड़ कर चौपला चौकी पुलिस की सुपुर्दगी में दिया था, जबकि चौपला चौकी इंचार्ज का कहना है कि उनको किसी गाड़ी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यहां बड़ा सवाल यह है कि चौपला चौकी पुलिस झूठ बोल रही है या यातायात पुलिसकर्मी गलत बता रहे हैं।
यातायात पुलिस द्वारा पकड़ कर चौपला चौकी पुलिस को सौंपी गई आयशर कैंटर के मामले की जांच कराएंगे। इस संबंध में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी-अरुण कुमार सिंह, सीओ मंडी धनौरा जिला अमरोहा।