रहरा। सरकारी स्कूलों में अव्यवस्थाओं की भरमार है। शुक्रवार को बरतैरा में प्राइमरी स्कूूल के एक जर्जर कमरे की छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि उस कमरे में बच्चे नहीं थे, अन्यथा हादसा बड़ा हो सकता था। प्लास्टर गिरने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे मेें पढ़ रहे बच्चों में अफरातफरी मच गई।
गंगेश्वरी क्षेत्र के बरतौरा गांव में शिव मंदिर के समीप प्राइमरी विद्यालय हैं। यहां 55 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल का एक कमरा काफी समय से जर्जर पड़ा है। हादसे की आशंका को देखते हुए काफी समय से उस कमरे को अध्यापकों ने बंद कर दिया था। दूसरे कमरों में पढ़ाई की जाती है। शुक्रवार सुबह अचानक बंद कमरे की छत के कुछ हिस्से का प्लास्टर टूटकर गिर गया। तेज आवाज होने पर पास के कमरे में पढ़ रहे बच्चों में खलबली मच गई।
गनीमत रही कि हादसे वाले कमरे में कोई बच्चा नहीं था। प्रधानाध्यापक रोशन लाल ने बताया कि बच्चों को दुर्घटनाग्रस्त भवन के पास ही एक अन्य कमरे में पढ़ाया जा रहा था। स्कूल के जर्जर भवन में बच्चे नहीं पढ़ रहे थे। कई बार जर्जर भवन की शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन इस तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्राम प्रधान मिंटू त्यागी का कहना है जल्द ही जर्जर कमरे को तुड़वाने का काम किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों से मांग की गई है।
बरतौरा विद्यालय में जिस कमरे में छत का प्लास्टर गिरा है। उसमें बच्चों को पढ़ाया नहीं जाता था। वह काफी समय से बंद था। जल्द ही जर्जर कमरे को तुड़वाया जाएगा। उसके स्थान पर नया कमरा बनवाया जाएगा। -आयशा बी, खंड शिक्षा अधिकारी, गंगेश्वरी