अमरोहा। नवरात्र में मां दुर्गा के भक्त नौ दिन व्रत रखते हैं। इस दौरान साधना के साथ- साथ भक्तों को अपनी सेहत का भी ख्याल रखना होगा। क्योंकि जरा सी लापरवाही आपकी साधना में बाधक बन सकती है और आपको अस्पताल भी पहुंचा सकती है। पानी की कमी और तली-भुनी चीजें परेशान कर सकती है। ऐसे में व्रत के दौरान अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। अन्न के तौर व्रत रखने वाले लोग कुट्टू का आटा इस्तेमाल करते हैं। बाजार में मिलने वाले पुराना कुट्टू का आटा लोगों की सेहत बिगाड़ देता है।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि नवरात्र के चलते मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों तक व्रत रखेंगे। इस बीच पानी का सेवन भी कम हो जाता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जो डिहाईड्रेशन का कारण बन सकता है। व्रत रखने वाला बेहोश भी हो सकता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने दें। तली-भुनी चीजों से दूरी बनाए रखें। इससे गैस और सिरदर्द के साथ पेट भी खराब हो सकता है। मौसम के बदलने पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
डॉक्टर के अनुसार गर्भवती महिलाओं के साथ ही मधुमेह, हृदय रोगियों को सेहत की विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अगर बहुत जरूरी न हो तो ऐसे लोगों को व्रत रखने से परहेज करना चाहिए। लंबे समय तक व्रत रखना सेहत को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार अगर कोई बीमारी से पीड़ित है और उसकी दवा चल रही है तो दवा नहीं बंद करनी चाहिए। फलाहार के साथ सभी जरूरी दवाएं भी लेते रहना चाहिए।
ये हो सकती है परेशानी
- सिर में दर्द
- गैस की समस्या
- पानी की कमी से बेहोशी पेट खराब हो सकता है
- व्रत में लेते रहें पेय पदार्थ
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गर्भवती महिला हर दो-दो घंटे पर करे फलाहार
डॉ. चरन सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को व्रत से बचना चाहिए। अगर बहुत जरूरी है तो हर दो-दो घंटे पर फलाहार लेते रहें। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहेंगे। डॉक्टर की सलाह पर जो दवाएं चल रहीं हैं, उसको भी समय से लेते रहना चाहिए। व्रत में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है।
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दूध और छाछ, फलों के जूस का करें नियमित सेवन
दूध और छाछ, फलों का जूस नियमित मात्रा में लेने से शरीर में हाइड्रेशन बना रहता है। इन सबके बीच बीमार व्यक्ति को सामान्य मरीज की तुलना में सेहत पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।