मरीज के साथ पहुंचे तीमारदार के अभद्रता करने पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया। करीब ढाई घंटे मरीज नहीं देखे। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरोपी युवक ने साथियों को बुला लिया। जिससे माहौल और गरमा गया। तीमारदार और डॉक्टर आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची देहात थाना पुलिस ने बिगड़ते हालात संभाले। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उधर, हंगामे के चलते परेशान कई मरीज बिना इलाज कराए लौट गए।
अमरोहा नगर कोतवाली के मोहल्ला पीरगढ़ निवासी वसीम, तुर्क कॉलोनी निवासी अपने साथी आदिल के साथ करीब 11:30 बजे जिला अस्पताल आया था। वसीम अपने पैर का ऑपरेशन करना चाहता है। लेकिन, उसका आरोप है कि डॉक्टर उसे लगातार तारीख पर तारीख दे रहे हैं। इस बात को लेकर आदिल की डॉक्टर से कहासुनी हो गई। उधर, जिला अस्पताल के डॉक्टरों का आरोप है कि आदिल ने डॉ. रोहित अग्रवाल के साथ बदतमीजी की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। हंगामा करते हुए आरोपी ने कक्ष नंबर 58 में पहुंचकर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुनील तेवतिया के साथ अभद्रता की। मोबाइल से वीडियो बनाने लगा।
मना करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने लगा। मारपीट और तोड़फोड़ करने के उद्देश्य से अपने साथियों को फोन करके बुला लिया। जिला अस्पताल में हंगामा होता देख मरीज परेशान हो गए। वहीं, डॉक्टरों ने आदिल पर अभद्रता करने का आरोप लगाकर ओपीडी से बहिष्कार कर दिया। करीब ढाई घंटे तक जिला अस्पताल में हंगामा की स्थिति बनी रही। सूचना पर पहुंची देहात थाना पुलिस ने मामला शांत कराया, जिसके बाद करीब दो बजे ओपीडी शुरू हो पाई। पुलिस वसीम व आदिल को हिरासत में लेकर थाने ले गई। मामले में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आदिल को गिरफ्तार कर लिया है।
हंगामा होता देख लौटे मरीज
जिस समय अस्पताल में हंगामा हुआ उसे समय मरीजों की लाइन लगी हुई थी। हंगामा होते ही डॉक्टर ने ओपीडी बंद कर दी और आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। उधर, डॉक्टर के ओपीडी से उठते ही मरीज इधर-उधर भटकने लगे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी ओपीडी में डॉक्टर नहीं पहुंचे तो कई मरीज बिना इलाज कराए घर वापस लौट गए।
पुलिस और युवकों के बीच भी हुई नोकझोंक
हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने वसीम और आदिल को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि आदिल पुलिस से भी नोकझोंक करने लगे। अपने परिजनों के अस्पताल आने के बाद ही उसने थाने जाने की बात कही। हालांकि, पुलिस ने माहौल को देखते हुए कड़ा रूख अपनाया और दोनों को थाने ले गई। तहरीर के आधार पर आदिल को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया।
पुलिस के सामने भी डॉक्टरों की धमकी दे रहा था आरोपी
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि आरोपी आदिल पुलिस के सामने भी लगातार धमकी देता रहा। अस्पताल का माहौल बिगड़ने के कारण मरीजों में भय और अफरातफरी का माहौल बन गया। अस्पताल में सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। जिस तरह से आदिल ने फोन करके बड़ी संख्या में अपने साथियों को बुलाया था। इससे साफ था कि ये लोग डॉक्टरों के साथ मारपीट और अस्पताल में तोड़फोड़ कर सकते थे।