स्पोर्ट्स स्टेडियम के हैंडोवर को लेकर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। डीएम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। साथ ही जल्द ही स्टेडियम को हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं।
अमरोहा के मालीखेड़ा गांव के पास 53 बीघा जमीन में 10.69 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया कराया गया। पांच जनवरी 2018 को कैबिनेट मंत्री रहे पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने इसका शिलान्यास किया था। तभी से स्टेडियम का निर्माण चल रहा था। ये स्टेडियम 30 अप्रैल 2021 को खेल विभाग के हैंडओवर किया जाना था। लेकिन कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। इसी बीच 19 जुलाई 2021 स्टेडियम की करीब 60 मीटर लंबी दीवार गिर गई। जबकि 20 मीटर दीवार झुक गई थी। इस मामले में डीएम बीके त्रिपाठी से मामले की जांच एसडीएम सदर, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी और कार्यदायी संस्था आरईएस की संयुक्त कमेटी गठित कर जांच कराई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्यदायी संस्था के पर्यवेक्षणीय अधिकारी परियोजना प्रबंधक/ इकाई प्रभारी, स्थानिक अभियंता (आरई), अवर अभियंता और संबंधित ठेकेदार दोषी पाया था। जिसके बाद इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद फिर से स्टेडियम की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था। जिसके बाद और करीब एक साल पहले स्टेडियम का निर्माण पूरा हो गया है। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था ने स्टेडियम को खेल विभाग के हैंडओवर नहीं किया है। 21 अगस्त के अंक में अमर उजाला ने ‘स्पोटर्स स्टेडियम तैयार, एक साल से हो रहा हैंडओवर का इंतजार’ शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिला डीएम बीके त्रिपाठी ने कड़ा संज्ञान लिया और कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर स्टेडियम के हैंडओवर नहीं किए जाने की बारे में जवाब तलब किया है। साथ ही जल्द स्टेडियम को हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं।
स्टेडियम का निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था से जवाब मांगा गया है। साथ ही जल्द से जल्द स्टेडियम को हैंडओवर करने के निर्देश दिए हैं। जिससे जनपद के खिलाड़ी स्टेडियम के मैदान में प्रैक्टिस कर सकें।-बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा