Diwali: How much poison dissolved in the air of the city, no news to the department
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दिवाली की रात हुई आतिशबाजी से शहर की हवा जहरीली हो गई है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से यहां के लोगों को सांस लेना में परेशानी हो रही है तो वहीं आंखों में जलन भी बढ़ गई है।
आतिशबाजी की थोक दुकानदारों से प्राप्त एक अनुमान के मुताबिक जिलेभर में पांच करोड़ रुपये की आतिशबाजी की बिक्री हुई है। जिसमें अकेले शहर में एक करोड़ से अधिक के पटाखे बिके हैं। इनको छोड़े जाने से उठने वाले धुएं से वातावरण प्रदूषित हो गया। प्रदूषण के अक्तूबर माह के शुरुआती आंकड़ों से तुलना करें तो इस बार दिवाली पर प्रदूषण दो गुना हो गया है। जिले में सबसे ज्यादा प्रदूषण गजरौला में होता है। यहां 23 अक्तूबर को हवा क्वालिटी इंडेक्स 122 था। जो 24 अक्तूबर को बढ़कर 135 के पार चला गया है। यहां की हवा में घुल रहे जहरीले तत्व लोगों की जिंदगी पर बुरा असर डाल रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की माने तो अमरोहा शहर में हवा की गुणवत्ता को मापने का कोई यंत्र नहीं है लेकिन यहां के लोगों का हवा में निकलना मुश्किल हो गया है।
अमरोहा में प्रदूषण लेवल कंट्रोल में रहता है। यहां खतरे की कोई बात नहीं है। हालांकि गजरौला एक्यूआई लेवल को समय-समय पर चेक किया जाता है। यहां फैक्टिरयों से निकलने वाले धुएं की वजह से यहां की हवा का एक्यूआई लेवल खराब हो जाता है लेकिन अमरोहा शहर में हवा की शुद्धता मापने के लिए कोई यंत्र नहीं लगाया गया है।
विकास मिश्रा, क्षेत्राधिकारी, अतिरिक्त प्रभार, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड