अमरोहा। जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने राजकीय बालिका इंटर कालेज का औचक निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर प्रधानाचार्या का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का आदेश दिया। अनुपस्थिति सहायक अध्यापिकाओं के के निर्धारित समय में अनुपस्थित होने के बाद भी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने पर स्पष्टीकरण तलब किया गया। हालांकि शिक्षण कार्य सही पाया गया।
बुधवार को नये सत्र में नया सवेरा कार्यक्रम के अन्तर्गत उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कालेज का सुबह पौने आठ बजे आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रधानाचार्या राजो देवी समेत कई सहायक अध्यापिकाएं उपस्थित मिली जबकि प्रवक्ता वीना रानी, खाशिया परवीन, सहायक अध्यापक जुबैदा खातून, गीता रानी, ममता यादव, आयुषी क्षोत्रिय, मीना देवी, शीतू, शिल्पी रानी, कीर्ति, पुनीता कुमारी तत्समय तक विद्यालय में नहीं आयी थी। उपस्थिति पंजिका में शिक्षिकाओं के कॉलम में चिन्ह अंकित कर दिया गया। बाद में आकर इनके द्वारा हस्ताक्षर कर दिए। जिस पर उन्हें 20 मई तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। नया सवेरा कार्यक्रम के अन्तर्गत पठन पाठन एवं विभाग द्वारा संचालित पोर्टल, परख पोर्टल, संज्ञान पोर्टल, पंख पोर्टल दीक्षा एप, स्मार्ट क्लास, वर्चुअल क्लास एवं चैटवॉट एप के बारे में जानकारी दी गई। विद्यालय में 249 छात्राएं उपस्थित होने की स्थिति में मात्र 200 छात्राओं के लिए खाना क्यों बनाया गया। छात्राओं को मध्यान्ह भोजन खिलाने के लिए एक जिम्मेदार शिक्षिका को अधिकृत करने को कहा। इसको लेकर प्रधानाचार्या से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा। विद्यालय में पंजीकृत छात्राओं के सापेक्ष उपस्थिति अति कम पायी गई। निरीक्षण के समय संस्था में पठन पाठन चलता हुआ पाया गया। बेसिक शिक्षा विभाग से कक्षा 06- 08 तक की छात्राओं को मिलने वाली नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के लिए मांगपत्र भेजने के बारे में पूछने पर प्रधानाचार्या के द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। छात्राओं से दीक्षा, चैटवॉट स्मार्ट क्लास, पंख पोर्टल, प्रज्ञान पोर्टल डिजिटल ई-लाईब्रेरी प्रज्ञान-गंगा पोर्टल के बारे में पूछा गया लेकिन वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई। शिक्षकों के द्वारा उन्हें इस सम्बन्ध में कोई जानकारी नहीं दी गयी थी। जुबिलियेन्ट फाउण्डेशन गजरौला के द्वारा प्रदत्त डिजिटल स्मार्ट स्क्रीन एवं सहायक सामग्री, जो विद्यालय को उपलब्ध करायी गयी है उसका समुचित उपयोग किया जाना नहीं पाया गया। जिस कक्षा-कक्ष को स्मार्ट कक्ष बनाया गया है वह भी व्यवस्थित नहीं था। टाईमटेबल एवं कक्षाओं का विभाजन संतोषजनक नहीं था। मानव सम्पदा पोर्टल पर विद्यालय में कार्यरत समस्त शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के डाटा फीडिंग के बारे में गलत जानकारी दी गई। दो दिवस में डाटा त्रुटिरहित फीड कराकर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में कम्पोजिट ग्रान्ट का समुचित उपयोग किया जाना नहीं पाया गया। शौचालय मद में धनराशि विभाग से प्राप्त हुई है लेकिन विद्यालय में शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं मिली। विद्यालय में ब्लैक बोर्ड पर कुछ लिखने पर कुछ भी स्पष्ट नहीं होता है। निरीक्षण में भी सभी कक्षा में ब्लैक बोर्ड को देखने पर यह पाया गया कि किसी भी माध्यम से ब्लैक बोर्ड पर लिखने पर दिखायी नहीं पड़ रहा है। तीन दिन में स्टेंडर्ड साइज के ग्रीन बोर्ड प्रत्येक दशा में व्यवस्थित करना को निर्देशित किया। कक्षा-कक्षों में विद्युत वायरिंग की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। जगह-जगह पर तार कटे हुए पाये गए, पंखे नहीं चल रहे थे, विद्युत सर्किट बोर्ड टूटे हुए पाये गए। जिससे कभी भी कोई दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। विद्यालय में कोई पत्रिका, दैनिक समाचार पत्र नहीं आता है। विज्ञान शिक्षिका के द्वारा बताया गया कि विद्यालय में विज्ञान से सम्बन्धित कोई समान उपलब्ध नहीं कराया गया है। क्रीड़ा मद में प्राप्त धनराशि होने के बाद भी छात्राओं के खेलने की मूलभूत सुविधा एवं सामग्री उपलब्ध नहीं करायी गयी है। इससे स्पष्ट है कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं को प्रधानाचार्या द्वारा शैक्षणिक व्यवस्था के सम्बन्ध में कोई मानिटीरिंग नहीं की जाती है और न ही शैक्षणिक व्यवस्था के लिए रूचि नहीं ली जा रही है,। इसी को लेकर प्रधानाचार्या राजो देवी का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका जाता है।