अमरोहा। संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन वृंदावन से आई व्यास प्रेरणा ज्योति ने बृज की लीला, भगवान श्रीकृष्ण का महारास, कंस वध के अतिरिक्त भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह की कथा का वर्णन किया। भक्तों ने विवाह उत्सव मनाया।
व्यास गद्दी पर विराजित प्रेरणा ज्योति ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया। महारास लीला से ही जीवात्मा-परमात्मा का मिलन हुआ। भगवान श्रीकृष्ण ने 16 हजार कन्याओं से विवाह कर उनके साथ सुखमय जीवन बिताया। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी के विवाह की झांकी के साथ वरमाला पर फूलों की बरसात हुई। भजनों पर श्रद्धालुओं को नृत्य करते हुए भी देखा गया। उन्होंने कन्यादान का धार्मिक महत्व बताते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाते हुए कन्या भ्रूण हत्या को महापाप बताया। कहा कि ऐसे लोगों को नर्क में बहुत यातनाएं मिलती हैं। कथा में प्रवीण आर्य, पन्नालाल, पंडित रोहित शर्मा, रोहित अग्रवाल, सारिका अग्रवाल, प्रियंका खंडेलवाल, समीर खंडेलवाल, मोनिका खंडेलवाल, जितेंद्र सिंह, प्रतिभा खंडेलवाल, निमिषा गुप्ता, दीपक बंसल, सुनीता खंडेलवाल, सौरभ खंडेलवाल, मधु खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।