अपने भव्य मंचन के लिए मंडल भर में प्रसिद्ध नगर की रामलीला के मंचन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रामलीला के मंचन में सिर्फ 40 दिन शेष रहने व प्रबंध समिति के चुनाव नहीं होने से मंचन की तैयारियां भी शुरू नहीं हुई है। वहीं, दूसरी ओर रामलीला प्रबंध समिति के चुनाव कराने के लिए दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समिति के अधिवक्ता को 10 दिन में जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
मंडी धनौरा में होने वाली रामलीला का मंचन अपनी भव्यता के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। रामलीला प्रबंध समिति के हर तीन साल में चुनाव होते हैं। इस साल भी एक अगस्त को चुनाव होने थे, लेकिन एसडीएम ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए चुनाव पर रोक लगा दी थी। रामलीला प्रबंध समिति के सदस्यों का आरोप था कि एसडीएम ने राजनैतिक दबाव में चुनाव पर रोक लगाई है। समिति के एक गुट ने चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, जबकि वर्तमान पदाधिकारियों ने कैविएट दाखिल की थी। हाईकोर्ट में बुधवार को प्रबंध समिति के चुनाव कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने वर्तमान पदाधिकारियों के अधिवक्ता को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। इस साल दशहरा 12 अक्तूबर का है। एक अक्तूबर से रामलीला का मंचन शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक मंचन करने वाले कलाकारों की टीम, टेंट, साउंड, लाइटिंग, शिव-राम की बरात में शामिल होने वाली झांकियां भी तय नहीं की जा सकी हैं। जबकि, यह सारी व्यवस्थाएं दशहरा से काफी पहले ही तय कर ली जाती हैं। ऐसी स्थिति में रामलीला प्रबंध समिति के आजीवन सदस्यों में मंचन को लेकर शंका पैदा होने लगी हैं। उन्होंने नगर के जिम्मेदार लोगों से हस्तक्षेप कर रामलीला का मंचन पूर्व सालों की भांति कराने में सहयोग की अपील की है।
- रामलीला का मंचन पूर्व के सालों की भांति भव्य व आकर्षक होगा। मंचन की तैयारियां शुरू की जा रही हैं। रामलीला प्रबंध समिति के समस्त सदस्यों से अपील है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर नगर में भव्य रामलीला मंचन में सहयोग करें। प्रभु राम के कार्य में सभी का सहयोग अपेक्षित है। - अजय गोयल, अध्यक्ष रामलीला प्रबंध समिति धनौरा।