हसनपुर (अमरोहा)। नगर के मोहल्ला कोट पश्चिमी काला शहीद निवासी शहजाद का कहना है कि माता अफसरी बेगम ने कुछ समय पहले कोट पश्चिमी काला शहीद में एक मकान खरीदा था। मां उसी मकान में रहती थी। उनकी माता ने अपने मकान के एक कमरे में कुछ समय के रहने के लिए उनकी बहन सायरा बानो और बहनोई शाहनवाज को रख दिया था। 20 मई 2009 को उनकी माता का देहांत हो गया। इसके बाद अफसरी बेगम के मकान पर उनके दोनों बेटे काबिज हो गए। जबकि, बहन तथा बहनोई सुंदर नगरी नंद नगरी पूर्वोत्तर दिल्ली में जाकर रहने लगे। आरोप है कि बहनोई शाहनवाज ने उनकी संपत्ति हड़पने की नियत से अपनी पुत्रियों और पुत्र को गुमराह करते हुए उन के माध्यम से बाबू हमीद निवासी नूरपुर कला तहसील हसनपुर तथा कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर कूट रचित बैनामा चमन बेगम पत्नी नफीस अहमद मोहल्ला कोट पूर्वी निकट जामा मस्जिद हसनपुर के नाम करा दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि एसपी के आदेश पर शाहनवाज, चमन बैगम, बाबू हमीद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।