जिले में बुखार तेजी से फैल रहा है और मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। आमतौर पर माना जाता है कि डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया होने पर भी शरीर में कमजोरी आती है। या फिर प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं, जिससे परेशानी बढ़ती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बुखार के मरीजों को इनमें से किसी की पुष्टि नहीं हो रही है। लेकिन, अधिकांश बुखार पीड़ित की प्लेटलेट्स जरूर कम हो रही है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में हर रोज 200 से अधिक मरीज बुखार के पहुंच रहे हैं। शनिवार को ओपीडी में 214 मरीज बुखार के थे। वहीं, बुखार के 20 मरीज भर्ती थे, जबकि ज्यादातर मरीजों को दवाई देकर भेज दिया गया।
सीएमओ डा. एसपी सिंह ने बताया कि इन दिनों वायरल फैल रहा है। जिस तरह से मरीजों की प्लटलेट्स कम हो रही हैं। उससे माना जा रहा है कि यह वायरल का बदला हुआ स्वरूप है। हालांकि, इससे घबराने की जरूरत नहीं है। बुखार होने पर समय से चिकित्सक को दिखाएं और खानपान का ध्यान रखें।
शरीर में कई दिनों तक रहती है कमजोरी
आमतौर पर वायरल बुखार में सात दिन कमजोरी रहती है। मगर अब किसी व्यक्ति को बुखार आ जाए तो 10 से 15 दिनों तक शरीर कमजोरी महसूस करता है। जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। मौजूदा समय में जिला अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में अधिकांश मरीज बुखार के ही भर्ती हो रहे हैं।
डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण, रिपोर्ट नॉर्मल
जिला अस्पताल में देखा जा रहा है कि बुखार के मरीजों की जांच रिपोर्ट नॉर्मल आ रही है, लेकिन लक्षण डेंगू, मलेरिया जैसे ही महसूस हो रहे हैं। हालांकि, चिकित्सक लक्षणाें को देखते हुए ही मरीजाें का उपचार कर रहे हैं। अलग तरह के बुखार ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
अब तक आठ लोगों में हो चुकी है डेंगू की पुष्टि
बुखार के साथ-साथ डेंगू ने प्रकोप बढ़ाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में आठ लोगों में डेंगू की पुष्टि हाे चुकी है। शनिवार को ही 14 लोगों का रेपिड टेस्ट हुआ था। जिसमें तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव निकले। शुक्रवार को भी दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। इससे पूर्व तीन मरीज मिले थे। हालांकि, पांच मरीज ठीक हो चुके हैं, लेकिन तीन का इलाज चल रहा है। वहीं, रहरा के गांव पौरारा में एक महिला में मलेरिया की पुष्टि हुई है।