दहेज के लिए ससुरालियों ने विवाहिता की जान ले ली। परिजनों ने हंगामा किया। पति समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पकड़े गए तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव माझरा-भगवानपुर निवासी रईस अहमद ने अपनी बेटी नाजरीन (22) की शादी करीब आठ माह पहले अमरोहा के मोहल्ला अहमद नगर निवासी सद्दाम हुसैन के साथ की थी। हैसियत के हिसाब से दान दहेज दिया था। बारातियों की आव भगत में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लेकिन, ससुराल वाले दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे। आए दिन उसको प्रताड़ित करने लगे। आरोप के मुताबिक कई बार समझाने का प्रयास किया मगर एक न सुनी। 27 दिसंबर को ससुराल वालों ने उसको बेरहमी से पीटा और रात आठ बजे उसको मायके ले आए। आरोप है कि बेटी को मार कर ससुराली यहां लाए थे। मामले की भनक लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच ससुरालियों पर मुकदमा लिखा है। इनमें से सास शकीला, जेठ अफजाल, देवर ऊरूज को गिरफ्तार किया है। कोर्ट के आदेश पर तीनों को जेल भेज दिया है। पति सद्दाम और नंदन कुमार फरार हैं। उधर जेठ अफजाल ने बताया कि नाजरीन की तबीयत खराब थी और उसका उपचार अमरोहा के ही डॉक्टर से चल रहा था। परिजनों को सूचना दे दी थी। जब हालत ज्यादा बिगडी तो उसको मायके ले गए। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अफजाल और देवर ऊरुज अहमद, सास शकीला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पति सदाम और ननद नाजिल भागे हुए हैं।