मेवाराम को पत्नी को नसीहत देना भारी पड़ा। सिर पर दुपट्टा न होने पर मेवाराम ने पत्नी ओमवती को नसीहत दी थी। कहा कि सिर पर दुपट्टा रहना चाहिए। फिर इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सो रहे पति पर नाबालिग बेटे के साथ मिलकर ओमवती ने राड से वार कर दिया। इलाज के दौरान मेवाराम की मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेशकर पत्नी को जेल भेज दिया। जबकि नाबालिग बेटे को किशोर सुधार गृह भेज दिया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के गांव मनोटा निवासी मेवाराम की पत्नी ओमवती आठ मई को घर पर ही थी। उसके सिर पर दुपट्टा नहीं था। जिसे देख मेवाराम ने पत्नी को सिर पर दुपट्टा रखने की नसीहत दे डाली। नसीहत देने पर दोनों में विवाद हो गया। इसके बाद मेवाराम सो गया। ओमवती ने अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर पति के सिर में लोहे की राड मार दी, जिससे वह घायल हो गया। मेवाराम के सीढ़ियों से गिरकर घायल होने बात कहकर उन्हें गजरौला के प्राइवेट डाक्टर के पास ले गई। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया। इलाज के दौरान गुरुवार को मेवाराम की मौत हो गई। भाई की मौत की सूचना पर पहुंचे एसएसबी जवान को शक हुआ। उसने पंचायत बैठाई। बताया जाता है कि पंचायत में ओमवती ने हत्या की बात कबूल कर ली। मेवाराम के पिता मोहर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। एसपी ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल राड बरामद कर ली गई है। वहीं अदालत में पेश करने के बाद ओमवती को जेल भेज दिया गया है। नाबालिग को सुधार गृह भेजा गया है।