चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने भैंसा लूट के विरोध पर ग्रामीण को गोली मारने और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में पाकबड़ा-सैदनगली के दो बदमाशों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 52-52 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव सकतपुर करनपुर निवासी राम भरोसे पुत्र गबरू सिंह जाटव 2 अक्तूबर 2011 की रात अपने घर के आंगन में सोया हुआ था, तभी कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर उसकी आंख खुल गई। टार्च की रोशनी में देखा तो चार बदमाश उसके घर से भैंसा खोलकर ले जा रहे हैं। हिम्मत दिखाकर राम भरोसे ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, तो एक बदमाश तमंचे से गोली चला दी।
गोली राम भरोसे की बाजू में लगी और बदमाश जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भाग गए। आनन फानन में राम भरोसे को घायल हालत में जिला अस्पताल लाया गया, यहां से उसे रेफर कर दिया गया। तहरीर देने के बावजूद सैदनगली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की, तब कोर्ट के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई। कुछ समय बाद पुलिस ने इस मामले में दो बदमाश इस्लाम पुत्र मुंसीब निवासी गांव महलकपुर थाना पाकबड़ा (मुरादाबाद) और साबिर पुत्र तोतला निवासी गांव अशरफपुर थाना सैदनगली को गिरफ्तार किया।
राम भरोसे की ओर से बदमाशों को पहचान लिए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि, ये कुछ समय बाद जमानत पर रिहा हो गए। बुधवार को विशेष सत्र एवं अपर जिला जज बीडी भारती ने मामले की सुनवाई की। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राज बहादुर सिंह, जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र सिंह सैैनी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलीलें रखीं। इसके बाद न्यायाधीश ने इस्लाम और साबिर पर दोष सिद्ध किया और दोनों को उम्रकैद, 52-52 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। दोषियों को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया।