घटना के पीछे कई सवाल हैं, तो कुछ लापरवाहियां भी हैं। परिजनों के मुताबिक अगर गेटमैन देर से पहुंचने पर अभिषेक न वापस भेजता तो आज वह जीवित होता। गजरौला के एचसीएम इंटर कालेज में सात दिसंबर को अभिषेक पढ़ने के लिए घर से निकला था लेकिन स्कूल के गेटमैन ने देरी से पहुंचने का हवाला देते हुए उसे वापस कर दिया था।
परिजन रो-रोकर कहते सुने जा रहे हैं कि काश स्कूल से उसे वापस न लौटाया जाता तो वह आज जिंदा होता। हो न हो पूरे मामले में स्कूल गेटमैन भी कसूरवार है। वहीं पुलिस को घटनास्थल पर मिले साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि साइकिल वाला व्यक्ति ही बच्चे का कातिल है। यह शक और गहरा गया है।
वसेली के जंगल में जिस गन्ने के खेत में बच्चे का शव दबा मिला, वहां से दो कदम की दूरी पर गेहूं के खेत में साइकिल के पहिये के निशान भी हैं। इसके अलावा घटना स्थल पर ही साइकिल का पैडल भी बरामद किया गया। इससे संदिग्ध युवक पर शक गहराता जा रहा है। परिजनों के मुताबिक उसे आखिरी बार संदिग्ध युवक पर साइकिल के साथ देखा गया था। परिजन बार-बार शुरू से ही कह रहे हैं कि संदिग्ध युवक से ही सख्ती के साथ पूछताछ की जाए।
वहीं, वसेली के जंगल में आठ दिन से गायब छात्र का शव मिलने के बाद यह भी चर्चा चल रही है कि कहीं हत्या से पहले मासूम के साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात तो नहीं हुई है। हत्या के पीछे की कहानी जो हो लेकिन कुकर्म की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि कुकर्म की स्थिति पीएम रिपोर्ट में ही स्पष्ट हो पाएगी। शव की हालत देखकर तंत्र-मंत्र विद्या से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। हत्यारा तांत्रिक भी हो सकता है। संदिग्ध युवक पर तांत्रिक होने का आरोप भी लगाया गया था।