दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। एडीएम कोर्ट ने दस मिलावटखोरों पर डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही समय अवधि में जुर्माना नहीं देने पर गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज गुुप्ता ने बताया कि दीपावली से पहले टीम ने दूध, खोया, बर्फी, रस गुल्ला और सोनपापड़ी समेत कई नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें से कुछ सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। सभी नमूने फेल हो गए। इन मिलावटखोरों के खिलाफ अपर जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया गया था। सोमवार को एडीएम ने मुकदमों पर सुनवाई करते हुए धनौरा के गांव वासेपुर निवासी जसपाल पर अधोमानक दूध बिक्री पर 25,000 हजार का जुर्माना लगाया है। जबकि गजरौला के गांव मोहरका निवासी इसरार पर मिश्रित दूध बेचने पर 10 हजार, हसनपुर के मंगरोला निवासी सोमपाल पर अधोमानक दूध बिक्री करने पर 5 हजार, नौगावां सादात के गांव मुनव्वरपुर निवासी शंकर सिंह पर अधोमानक दूध बेचने पर 5 हजार, कमालपुरी के खोया विक्रेता रूपचंद शर्मा पर 5 हजार का जुर्माना लगाया है। वहीं, नौगावां सादात के गांव दौलतपुर निवासी नसर पर रसगुल्ले में मिलावट करने पर दो हजार, धनौरा के मोहल्ला कटरा निवासी चिराग बंसल पर मिलावटी बर्फी बेचने पर 10 हजार और अमरोहा के मोहल्ला बटवाल निवासी सचिन पर अधोमानक सोनपापड़ी बेचने पर 10 हजार का जुर्माना लगाया है। जबकि डिडौली में बिना लाइसेंस दूध का अवैध करने वाले अशरफ अली पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। इसके अलावा सैदनगली के अनुज कुमार पर दो हजार और फर्म एल बीपी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड हसनपुर रोड गजरौला पर 25,000 का जुर्माना लगाया है।