जिले में की गई उड़द खरीदारी में करोड़ों का गड़बड़झाला उजागर हुआ है। ज्योतिपथ मल्टी परपज कोऑपरेटिव समिति लिमिटेड के अधिकारी और कर्मचारियों ने मंडियों से कम दामों पर उड़द खरीदकर सरकार से दोगुने दाम वसूल किए। फर्जी तरीके से ऐसे किसानों के खाते में मोटी रकम भेजी गई है, जिसके खेतों में वर्षों से उड़द की पैदावार ही नहीं हुई।
उड़द के खरीदने और बेचने से अंजान किसानों को समिति के अधिकारी और कर्मचारी जबरन बैंक ले जाकर खाते में फर्जी तरीके से भेजी गई रकम निकलवाने में लगे हैं। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर किसानों में हड़कंप मचा है। किसानों के मुताबिक उनके खेतों में गन्ना खड़ा है लेकिन कर्मचारियों ने उड़द बेचने के नाम पर उनके खातों में लाखों रुपये भेज दिए हैं। उन्हें डर है कि अगर जांच हुई तो फर्जीवाड़े में किसान फंस जाएंगे। किसानों की जिंसों को खरीदने को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है। इस बार गेहूं और धान खरीद के अलावा उड़द की भी खरीदारी की गई थी। हसनपुर तहसील के गांव शाहपुर कला में ज्योतिपथ मल्टी परपज कोऑपरेटिव समिति लिमिटेड ने उड़द की खरीदारी की है।
सरकार ने एक हजार क्विंटल का लक्ष्य दिया है। प्रदेश सरकार ने किसान हित को देखते हुए 5400 रुपये प्रति क्विंटल का रेट निधार्रित किया था। संस्था ने 700 क्विंटल उड़द की खरीदारी की। इसमें अधिकारी और कर्मचारियों ने करोड़ों का घोटाला कर दिया। निजी आढ़तों से 3400 रुपये प्रति क्विंतल के दाम में उड़द खरीदा गया। आढ़तियों से खरीदी गई उड़द को किसानों से खरीदना दिखाकर सरकार के करोड़ों रुपये का गबन कर लिया। पैसा ऐसे किसानों के खाते में भेजा गया है, जिन्होंने उड़द बेचा ही नहीं है। अब उड़द खरीदने वाली संस्था के कर्मचारियों और माफिया किसानों को जबरन बैंक ले जाकर खाते से रकम निकलवा रहे हैं। हालांकि कुछ किसानों ने खाते में फर्जी तरीके से रकम भेजने का हवाला देकर गड़बड़झाले का खुलासा कर दिया। इसके बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में उड़द खरीद का कोई केंद्र नहीं खुला और न ही उड़द की सरकारी मूल्य पर खरीद की गई। जबकि कागजों में गांव में एक जनवरी से 31 जनवरी तक केंद्र चला दर्शाया गया। शाहपुर कला के किसानों के खेतों में गन्ना, सरसों और मैंथा की फसल खड़ी है। जबकि समिति ने इन किसानों से उड़द खरीद दिखा दी। खातों में उड़द खरीद की रकम भेज दी। इस मामले में डिप्टी आरएम दुष्यंत कुमार सिंह ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। जांच कराने के बाद ही बात करेंगे।
कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान का कहना है कि ऐसा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर किसान शिकायत करेंगे तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। सरकारी कर्मचारी या संस्था कर्मचारी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। किसानों का हक मारने नहीं दिया जाएगा।