किसान की हत्या के बाद रोते बिलखते परिजन।
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सरकारी चकरोड पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आवाज उठाने के साथ ही एसडीएम धनौरा के यहां तैनात कोर्ट अहलमद पर फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत करने वाले 45 वर्षीय किसान लोकेश की बुधवार आधी रात उस समय गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई, जब वह खेत पर फसल की सिंचाई कर रहे थे। हत्यारों ने किसान के चेहरे पर भी पेचकस से प्रहार किए। पुलिस ने घटना स्थल से पेचकस बरामद कर लिया है।
नौगांवा सादात निवासी 45 वर्षीय लोकेश मध्यम दर्जे के किसान थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटी और एक बेटा है। लोकेश के बड़े भाई रघुनंदन गाजियाबाद में रहते हैं, जबकि छोटा भाई संजीव निजी स्कूल में अध्यापक है। लोकेश बुधवार रात खेत पर फसल की सिंचाई करने गए थे। यहां आधी रात उनकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। उनके चेहरे पर भी पेचकस से वार किए गए। बुधवार रात करीब बारह बजे संजीव जब खेत पर पहुंचा तो खून से लथपथ लोकेश का शव खेत में बनी पानी की नाली (बरह) में पड़ा था। यह देख उसने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीणों के साथ ही परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी जितेंद्र कुमार और नौगांवा इंस्पेक्टर फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए और छानबीन शुरू की। पुलिस ने मौके से पेचकस बरामद कर लिया। साथ ही बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर लोकेश के भाई संजीव ने बताया कि उनके खेत पर जाने वाली सरकारी चकरोड पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है, जिसकी शिकायत लोकेश ने उच्च अधिकारियों से की थी। जिसकी इससे कब्जा करने वाले उनसे रंजिश मानने लगे। यही नहीं संजीव के मुताबिक, लोकेश ने एसडीएम मंडी धनौरा के यहां तैनात कोर्ट अहलमद राजेश पर फर्जी दस्तावेज से नौकरी करने का आरोप लगाते हुए कमिश्नर से शिकायत की थी, जिसकी जांच जिलाधिकारी कार्यालय से चल रही है। संजीव का आरोप है कि तीन दिन पहले लोकेश को जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोप है कि इसी रंजिश में लोकेश की हत्या की गई है।