देर शाम तक गोताखोर युवक को तलाश करने में जुटे रहे। जनपद संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव पाली की मढैय्या निवासी गुड्डी पुत्री मंगला अपने भाई अरविंद और अंकित, तहेरे भाई अमरीश पुत्र हेतराम फुफेरे भाई नन्हें (35)पुत्र सरदार निवासीगण पाली की मढैय्या और फुफेरे भाई सोनू पुत्र वीर सिंह निवासी गांव काली खेड़ा (थाना हसनपुर) के साथ बुधवार को बड़ी बहन के घर गजरौला (बिजलीघर के पास) आई हुई थी।
सुबह सभी लोग तिगरी गंगा नहाने आए थे। दोपहर करीब 12 बजे अरविंद, अंकित और नन्हें खतरे के बोर्ड से आगे निकल गए। यहां तीनों डूबने लगे, शोर मचने पर गंगा तट पर मौजूद गांव तिगरी के युवाओं ने अरविंद और अंकित को बाहर निकाला, लेकिन नन्हें का पता नहीं चला। देर शाम तक गोताखोर उसकी तलाश में जुटे थे। गुड्डी का रो-रोकर बुराहाल था। परिजनों ने बताया कि नन्हें दस साल से पाली की मढैय्या गांव में अपनी पत्नी रेशमा के साथ रह रहा है। उसके तीन बेटे सौरभ, मनु व मणिकान्त हैं, एक बेटी चार माह की है।