मौसम की मार से किसान उबर नहीं पा रहे हैं। कम उत्पादन के बाद कर्ज चुकाने और रोजमर्रा की जरूरतों की चिंता उनकी हिम्मत को तोड़ रही है। इसी का नतीजा है कि, हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दीपुर में शुक्रवार सुबह कर्ज में डूबे एक किसान ने शहतूत के पेड़ से लटककर जान दे दी।
मुख्य रूप से गेहूं पर आश्रित किसान के तीन बीघे की निकासी में सिर्फ दो क्विंटल गेहूं ही मिले थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौका मुआयना कर पीड़ित परिवार को सरकारी मदद का आश्वासन दिया है।
गांव अब्दीपुर के रहने वाले यशपाल यादव (38) पुत्र दिलीप सिंह की गांव के पास ही अलग-अलग स्थानों पर तीन बीघा और सात बीघा जमीन है। यशपाल ने इसमें से आठ बीघा में गेहूं और दो बीघा में ईख बो रखी थी। गुरुवार को यशपाल ने अपने तीन बीघा खेत के गेहूं की निकासी कराई थी। इसमें उसे मात्र पौने दो क्विंटल ही गेहूं मिले। इधर, साहूकार घर के चक्कर लगा रहे थे, जिससे यशपाल चिंतित था। शुक्रवार सुबह यशपाल, पत्नी लोकेश के साथ दूसरे खेत पर कटे पड़े गेहूं की पुली बनाने पहुंचा।
यहां भी गेहूं के दाने की खराब हालत देख परेशान हो गया। करीब नौ बजे तक आधे से ज्यादा खेत की पुली बंध चुकी थीं। इसी बीच यशपाल ने लोकेश को भोजन लेने के लिए घर भेज दिया। करीब 10 बजे जब लोकेश खेत पर पहुंची तो वहीं शहतूत के पेड़ से यशपाल की लाश लटकी थी। गले में दुपट्टे का फंदा कसा था। पास ही स्टूल भी पड़ा था। शोर सुनकर वहां भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पूछताछ कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इधर, जानकारी मिलने पर एसडीएम अशोक मौर्य ने नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह के साथ मौके पर पहुंच जांच पड़ताल की। मृतक की पत्नी ने बताया कि, यशपाल ने डेढ़ साल पहले किसान क्रेडिट कार्ड पर 60 हजार रुपये का कर्ज लिया था। उस पर साहूकारों का भी करीब ढाई लाख रुपया कर्ज था। गेहूं की उपज से ही कर्ज चुकाने की योजना थी। जीरा के बराबर गेहूं देख कर वह परेशान हो गया था। आज सुबह ही साहूकार कर्ज का तगादा करने भी आए थे। इससे पहले प्रशासन ने एक सर्वे में जिले में 80000 से 1,00000 क्विंटल तक गेहूं का उत्पादन घटने का अनुमान लगाया था। फिलहाल प्रति बीघा में 2 से ढाई क्विंटल औसत पैदावार बताई जा रही है।