अमरोहा। एनआईए और एटीएस की संयुक्त छापेमारी के दौरान संदिग्धों से भारी मात्रा में अवैध तमंचे और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी। इसके बाद एनआईए जिले में अब तक चार बार छापेमारी कर चुकी है। अब तमंचे और विस्फोटक सामग्री तैयार करने वाले निशाने पर हैं। एनआईए कभी भी बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे लोगों की धरपकड़ कर सकती है। एनआईए गंधक बेचने वाले दो भाइयों से पूछताछ कर चुकी है। जबकि अन्य कई लोग रडार पर हैं।
26 दिसंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और यूपी एटीएस ने सुयंक्त रूप से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 17 ठिकानों पर छापेमारी कर आईएसआईएस के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का पर्दाफाश किया था। अमरोहा के मोहल्ला मुल्लाना निवासी सरगना मुफ्ती सुहैल, मोहल्ला पचदरा निवासी इरशाद और सैदपुर इम्मा निवासी दो सगे भाई वेल्डर सईद और रईस को गिरफ्तार किया था। जबकि टीम ने दिल्ली के जाफराबाद, हापुड़, समेत अन्य कई जगह से छह और संदिग्धों को पकड़ा था। एनआईए ने इनके कब्जे से अवैध तमंचे, पिस्टल, टाइमर, बम, लैपटॉप, मोबाइल, संदिग्ध राकेट लांचर, आईएसआईएस के झंडे और विस्फोटक सामग्री बरामद होने का दावा किया था। फिलहाल सभी संदिग्धों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। टीम ने हापुड़ और मेरठ से भी दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जबकि इसी क्रम में मॉड्यूल सरगना मुफ्ती सुहैल और हापुड़ के मुफ्ती शाकिब के संपर्क में रहे गुफरान को भी हिरासत में ले लिया है। अब जनपद में अवैध तमंचे और विस्फोटक सामग्री तैयार करने वाले अपराधी एनआईए के निशाने पर हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक एनआईए स्थानीय पुलिस की मदद से कभी ऐसे लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर सकती है।