अमरोहा। अमरोहा से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी सुहैल को अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने पत्नी के जेवर बेचने का निर्णय लिया था। जेवर बेचने के लिए हसनपुर के तीन सराफा व्यापारी से संपर्क किया था, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद जाफराबाद के साथियों से संपर्क किया। इन साथियों ने ही सुहैल के जेवर बिकवाए। जेवर कहां बिका एनआईए इसकी जांच कर रही है।
17 दिन पहले एनआईए और एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के मोहल्ला मुल्लाना से संदिग्ध आतंकी मुफ्ती सुहैल को गिरफ्तार किया था। यहां सुहैल के मददगार रहे इरशाद, सैदपुर इम्मा के वेल्डर भाई सईद और रईस को भी गिरफ्तार किया था। इनके पास से अवैध तमंचे, कारतूस, विस्फोटक पदार्थ मिले थे। सूत्रों के मुताबिक सुहैल यूपी में आईएसआईएस के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का नेटवर्क खड़ा करना चाहता था। इसके लिए उसे रुपयों की जरूरत थी ताकि अपने मिशन को आगे बढ़ा सके। सुहैल की करीब सालभर पहले शादी हुई थी। उसने अपनी बीवी के गहने मन बना लिया। गहने लेकर वह हसनपुर के तीन सराफा दुकानदारों के पास पहुंचा भी था। लेकिन दुकानदारों ने बिना किसी भरोसे के आदमी के खरीदने से मना कर दिया। मायूस होकर वह अमरोहा लौट आया। इसके बाद सुहैल ने जेवर बेचने के लिए अपने जाफराबाद दिल्ली के साथियों से संपर्क किया। इन साथियों ने सुहैल के जेवर बिकवाए।