गजरौला। बदमाशों ने लिफ्ट देने के बहाने स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को कार में बैठा लिया। बाद में में यह कर हाईवे पर छोड़कर फरार हो गए कि तुम वह नहीं हो जिसे उठाना था। दहशतजदा कर्मी ने अगले दिन थाने में घटना की सूचना दी। पुलिस ने उसे समझाकर लौटा दिया।
थाना रजबपुर क्षेत्र के गांव नरैना निवासी राजवीर सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत हैं। रविवार की शाम लगभग छह बजे वह यहां से अपने गांव पहुंचे। अचानक ही उन्हें मुरादाबाद में रहने वाले पुत्र मनोज चौधरी के पास जाना था। वह अपने गांव से रजबपुर तक आए और वहां से टेंपो में सवार होकर जोय पहुंचे। रात लगभग आठ बजे वह जोया में पुलिस चौकी के सामने खड़े होकर मुरादाबाद जाने के लिए वाहन की प्रतीक्षा कर रहे थे। अचानक उनके पास लग्जरी कार आकर रुकी। उसमें पहले से ही दो लोग सवार थे। कार रुकते ही वहां मौजूद एक युवक और उसमें सवार हो गया। राजवीर सिंह भी बैठ गए। इसी दौरान एक और युवक कार में सवार हो गया। इसके बाद कार मुरादाबाद की दिशा में चल दी। कुछ दूर चलने पर उन चारों में से एक ने रिवाल्वर निकाला और राजवीर सिंह के माथे पर सटा दिया। इसी दौरान एक बदमाश ने उनका मुंह ढक दिया। बदमाशों ने उनसे उनका नाम-पता पूछा। साथ ही कोई आईडी या आधार कार्ड दिखाने को कहा। उन्होंने बताया कि आईडी तो नहीं है, हां आधार कार्ड की फोटो उनके मोबाइल में है। इस पर एक बदमाश ने उनका मोबाइल छीन लिया और जेब में रखी हजारों की नकदी भी लूट ली। मोबाइल का स्क्रीन लॉक नहीं खुलने पर बदमाशों ने उसमें से सिम भी निकाल लिया। इसके बाद आपस में कुछ बात की और राजवीर सिंह से कहा कि तुम वह नहीं हो जिसे उठाना था। इसलिए चुपचाप यहीं उतर जाओ और किसी से कुछ बताया तो सही नहीं होगा। राजवीर सिंह ने उनसे अनुरोध किया कि रात में कहां उतरेंगे। किसी ऐसी जगह उतारना जहां से उन्हें मुरादाबाद के लिए वाहन मिल जाए। इसके बाद बदमाश उन्हें हाईवे पर सीएल गुप्ता फैक्टरी से पूर्व उतारकर फरार हो गए। जाते-जाते उनका सामान भी लौटा दिया। हालांकि कुछ रुपये रख लिए। वहां से उतरकर वह किसी तरह मुरादाबाद में पुत्र के पास पहुंचे। सोमवार को वह अपने पुत्र और एलआईसी में अभिकर्ता रिश्तेदार राजीव चौधरी के संग गजरौला थाने पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी दी। थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने घटना संज्ञान में नहीं होने की बात कही है।