अमरोहा। आठ साल पहले आदमपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने युवक को सात साल की सजा सुनाई है। जबकि उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में चार आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है।
घटना आदमपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2011 की है। यहीं के रहने वाले किसान की नाबालिग बेटी का कुछ लोगों ने बहला फुसलाकर अपहरण कर लिया था। बंधक बनाकर नाबालिग के साथ कई दिन तक दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिजनों ने आदमपुर निवासी नाजिर, मुनाजिर, शमशाद और शौकीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने हाथरस जिले के सादाबाद थाना क्षेत्र के मोतीगढ़ी गांव निवासी जगवीर उर्फ जफरू को गिरफ्तार कर नाबालिग को बरामद किया था। पिता की तहरीर पर उसके खिलाफ बंधक बनाकर दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दिया था। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम सुरेश चंद्र प्रथम की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने जगवीर उर्फ जफरू को बहला फुसला कर अपहरण करने और बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का दोषी माना। उसे सात साल की सजा सुनाई गई और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि नाजिर, मुनाजिर, शमशाद और शौकीन पर लगाए आरोपों का कोई साक्ष्य नहीं होने पर अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।