फर्जी कागजात और लेआउट पास प्लॉट दिखाकर धोखाधड़ी करने के आरोप में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और उनकी पत्नी समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के धनौरा रोड स्थित पंजू सराय में राशिद अली का परिवार रहता है। उनका आरोप है कि एक जनवरी 2018 को आराध्यम इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से उनके नंबर पर कॉल आई थी। उन्होंने कंपनी के द्वारा सस्ते और अच्छे लोकेशन पर प्लॉट खरीदने की बात कही थी। इसके बाद राशिद अली अपने पिता मुजाहिद हुसैन के साथ आराध्यम इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस में पहुंचे।
आरोप है कि यहां आराध्य इंफ्रा के पूर्व डायरेक्टर कांग्रेस नेता सचिन चौधरी व वर्तमान डायरेक्टर उनकी पत्नी आभा चौधरी यहां मिले थे। इस दौरान उन्होंने अपने सेल्स मैनेजर अजय देवनाथ, मोहित पांडे को बुलाकर प्लॉट के बारे में समझाया। इस दौरान उनके द्वारा बताया गया था कि दिल्ली रोड पर आराध्यम एंपायर के नाम से 120 बीघा जमीन में किस्तों पर कॉलोनी काटी जा रही है। जिसमें रोड, नाली, बिजली, पानी, पार्क आदि की सुविधा है।
आरोप है कि इस दौरान उन्होंने आराध्य एंपायर का नक्शा दिखाया और जमीन के कागजात कंपनी के नाम बताए। ये भी झांसा दिया गया कि प्लाटिंग के बगल में केएफसी व अन्य इंटरनेशनल कंपनी के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जबकि आराध्य एंपायर में शॉपिंग मॉल, स्कूल, हॉस्पिटल 24 घंटे बिजली पानी और सुरक्षा प्रदान की जाएगी। आरोप है कि 15 जनवरी 2018 को दिल्ली रोड गजरौला में प्लॉट दिखाए। इसके बाद 20 जनवरी 2018 को अजय देवनाथ ने फोन पर बताया कि जोया में आराध्यम वर्ल्ड के नाम से जोया में कॉलोनी काट रहे हैं। आरोप है कि राशिद अली अपने पिता को लेकर यहां पहुंचे तो आरोपियों ने प्लॉट खरीदने पर अच्छा ऑफर देने की बात की कही।
साथ ही तुरंत बुकिंग करने पर 10 लाख रुपये की कीमत वाला 72 मीटर प्लॉट केवल 5,14,296 रुपये में देने का झांसा दिया। इस दौरान विश्वास में आकर राशिद अली ने दो प्लॉट बुकिंग कर दिए और अपने पिता एक खाते से चेक के द्वारा 10,28, 593 रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बाद जांच पड़ताल में पता चला कि आरोपियों ने उस जमीन के फर्जी व जाली कागजात अपने नाम करा रखे हैं और उस कॉलोनी का लेआउट नक्शा भी फर्जी है। उसके बाद पता चला कि ये लोग षड्यंत्र रच कर बड़ी संख्या में लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बना चुके हैं।
उन्होंने बताया कि उस कंपनी के पास जमीन की रजिस्ट्री करने का हक नहीं है। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में सचिन चौधरी, उनकी पत्नी आभा चौधरी निवासी 703 सुपरटेक कॉलोनी पाकबड़ा मुरादाबाद और उसके सेल्स मैनेजर अजय देवनाथ, मोहित पांडे, रिजवान, अली अकबर के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये तब का मामला है। जब मैं कंपनी में नहीं था। वर्ष 2017 में कंपनी छोड़ चुका था। लोकसभा चुनाव आ रहा है। इसलिए ये लोग छवि खराब करना चाहते हैं। पहले भी कई मुकदमे लिखे गए थे। बाद में पुलिस ने उन में एफआर लगा दी है। षड्यंत्र के तहत मानसिक रूप से परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे लिखवाए जा रहे हैं। मैं सबके खिलाफ न्यायालय जाऊंगा। उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करूंगा। जिस राशिद नाम के व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई है। उसने कभी कंपनी को कोई पैसा नहीं दिया है।
- सचिन चौधरी, प्रदेश महासचिव कांग्रेस