गन्ना समिति के चुनाव से विरोधी पार्टियों को दूर रखने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
मंगलवार को कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोग जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर पहुंचे। गन्ना समिति के चुनाव में प्रदेश सरकार द्वारा विपक्षी पार्टियों को अलग रखने का विरोध किया गया। कहा, भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की। विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों को पर्चा तक नहीं खरीदने दिया गया। प्रदेश महासचिव सचिन चौधरी ने कहा की प्रदेश की सरकार संवैधानिक मूल्यों का हनन कर रही है। अपराधी लगातार घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दे रहें हैं।
कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है। जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया ने कहा जिस तरह से प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने आपस में मिलकर गन्ना समिति के चुनाव में लोकतंत्र की हत्या की है वह बहुत शर्मनाक है। विपक्ष के लोगों को नामांकन पत्र नहीं दिए। जहां नामांकन पत्र मिले वहां छीनकर फाड़ दिए गए। पुलिस ने लाठी चार्ज किया और खुलेआम लोकतंत्र की हत्या की गई। यह सब योगी सरकार के इशारे पर हुआ है। कहा, प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। छुट्टा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही है। गन्ना मूल्य पांच सौ रुपये क्विंटल करने, किसानों के कर्ज और बिजली के बिल माफ करने, सरकारी राशन वितरण प्रणाली में प्राप्त भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग को लेकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम निधि गुप्ता वत्स को सौंपा। धरना प्रदर्शन में शहर अध्यक्ष फैज आलम रायनी, प्रदेश सचिव चौधरी सुखराज सिंह, अब्दुल सत्तार सैफी, आसिम हुसैन साबरी, राजकुमार, अरुण चौधरी, नरेंद्र सिंह, मयंक कुमार गुर्जर, शाहिद सिद्दीकी, ऋषिपाल धीमान, डाॅ. मेराज हुसैन, अनवर हुसैन, मनोज कटारिया, राजेंद्र त्यागी, चंद्रपाल सिंह चौहान व सरदार इंदर सिंह आदि शामिल रहे।