ई-रिक्शा चालक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शराब की पुष्टि हुई है। पुलिस को शक है कि ई-रिक्शा लूटने के लिए नहीं बल्कि किसी और वजह से चालक की हत्या की गई है। ये भी हो सकता है कि हत्या से पहले ई-रिक्शा चालक नहीं या तो खुद शराब पी थी या फिर उसे पिलाई गई थी। पुलिस हत्या में करीबी का हाथ होने शक जता रही है।
अमरोहा देहात क्षेत्र के गांव मानकजूड़ी निवासी बीएसएनएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी चंद्रपाल सिंह का बेटा काविंदर सिंह (32) ई-रिक्शा चलाता था। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे काविंदर सिंह ई-रिक्शा लेकर घर से निकला था लेकिन शाम को घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। बुधवार सुबह करीब 11 बजे कांठ रोड बाईपास स्थित आम के बाग में बोरी में बंद काविंदर का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। उसका ई-रिक्शा और मोबाइल गायब था। मामले में कांविदर के पिता चंद्रपाल की तहरीर पर हत्या कर शव छिपाने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बुधवार की देर शाम डॉक्टर के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि पोस्टमार्टम में शराब की पुष्टि हुई है। ऐसे लग रहा है कि आरोपियों ने हत्या करने से पहले उसे शराब पिलाई थी जिसके बाद शव को बोरे में बंद कर फेंक दिया। एसपी आदित्य लांग्हे ने हत्या के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पुलिस जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है। वहीं, लापता मोबाइल की लोकेशन पुलिस को हत्यारोपियों तक पहुंचाएगी।