गजरौला (अमरोहा)। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक व बीडीओ के सामने क्लस्टर लेबल फेडरेशन की संकुल स्तरीय बैठक में समूह की महिलाओं ने हंगामा कर दिया। उन्होंने समूह की अध्यक्ष पर ब्लॉक मिशन मैनेजर के फर्जी हस्ताक्षर कर 4.97 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाया। व्यक्तिगत समूह का सदस्य बनाए जाने के लिए दो-दो हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया। पीडी ने हंगामा कर रहीं महिलाओं को जांच कराने का आश्वासन देकर शांत किया।
मंगलवार की दोपहर ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह ब्लॉक सभागार में दीप महिला संकुल स्तरीय बैठक ले रहे थे। बैठक में बीडीओ अरुण कुमार, एडीओ आईएसबी मनोज कटारिया, ब्लॉक मिशन मैनेजर रंजना सैनी मौजूद थे। इस दौरान समूह की सदस्य प्रियंका ने समूह की अध्यक्ष पर ब्लॉक मिशन मैनेजर रंजना सैनी से मिलीभगत कर समूह के खाते में पड़े 4.97 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। कहा कि ऑफिस बनाए जाने के लिए बीते साल अगस्त में रकम निकाली गई है, जबकि ऑफिस के लिए अभी जमीन तक नहीं मिली है। रकम निकालते समय किसी अन्य पदाधिकारी को न तो साथ लिया और न ही उससे बात की। पीडी से मांग की कि इस रकम को कहां खर्च किया गया है, यह जांच कराई जाए। इसके अलावा ब्लॉक मिशन मैनेजर पर व्यक्तिगत समूह का सदस्य बनाए जाने के लिए भी प्रत्येक समूह से दो-दो हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया। अफसरों के सामने ब्लॉक में महिलाओं को हंगामा करते देख हर कोई हैरत में रह गया। ब्लॉक मिशन मैनेजर रंजना सैनी का कहना है कि उन पर आरोप बेबुनियाद है। समूह से जुड़ी कुछ महिलाएं उनको शुरू से ही परेशान कर रही हैं, जबकि उनका लक्ष्य कुछ और है।