अमरोहा। मंडी धनौरा के एक स्कूल द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले तीन बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश न देते हुए स्कूल से निकाले जाने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने दो सदस्य कमेटी का गठन कर जांच सौंपी है। बीएसए ने मामले में दस दिन में रिपोर्ट तलब की है।
मंडी धनौरा के मोहल्ला गांधी नगर निवासी वीरपाल सिंह ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर शिकायत करते हुए कहा था कि उन्होंने पिछले साल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अपने तीन बच्चों हर्षिका, दीपिका, एकलव्य का लॉटरी के माध्यम से ब्लू बर्ड्स इंटरनेशनल स्कूल धनौरा में निशुल्क एडमिशन कराया था। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तीनों बच्चों की फीस भी स्कूल में जमा करा दी गई थी। वार्षिक परीक्षाफल घोषित होने के बाद बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाना था। वीरपाल सिंह का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने उसके बच्चों का अगली कक्षा में प्रवेश लेने के बजाय स्कूल में पढ़ाए जाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद वीर पाल सिंह ने बीएसए कार्यालय पहुंच कर मामले की लिखित शिकायत की।
बीएसए डॉ. मोनिका ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले में दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय एवं जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता को मामले की जांच सौंपते हुए दस दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। उधर, स्कूल के प्रबंधक राहुल अग्रवाल का कहना है कि पात्र बच्चों को एडमिशन लेने में उन्हें कोई गुरेज नहीं है। शिकायतकर्ता के बच्चे स्कूल की न्याय पंचायत के तहत नहीं आते हैं। जहां तक पता चला है कि शिकायतकर्ता की आय वार्षिक एक लाख रुपये से भी अधिक है। वह जांच के लिए तैयार हैं।