हसनपुर(अमरोहा)। जमीनी मामले में हसनपुर के एसडीएम रहे विजय शंकर द्वारा की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए मंडलायुक्त आंजनेय कुमार ने तत्कालीन एसडीएम के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जबाव मांगा है। चेतावनी दी गई कि क्यों ना आपकी शक्तियों को सीज कर दिया जाए।
हसनपुर तहसील क्षेत्र के गैर आबाद गांव मकनपुर शर्की में सेवानिवृत आईएएस भवनाथ सिंह के पुत्र आयुष्मान व पुत्री महिमा सिंह की भूमि है। भवनाथ सिंह अमरोहा के जिलाधिकारी रह चुके हैं। भूमि पर कब्जे को लेकर आयुष्मान और महिमा का दूसरे पक्ष हुस्न बानों से विवाद चल रहा है। यह जमीन आयुष्मान और महिमा ने हुस्नबानों से खरीदी थी। आरोप है कि हसनपुर के पूर्व एसडीएम विजय शंकर से मिलीभगत करके बिना दूसरे पक्ष की सुने ही अपने पक्ष में फैसला करा लिया गया। 17 फरवरी 2023 को तत्कालीन एसडीएम विजय शंकर ने आदेश जारी किया था। जिममें हुस्नबानों का पुर्नास्थापन प्रार्थना पत्र आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए मूल बाद में पारित पूर्व आदेशों को निरस्त कर दिए गया। कुर्रे भी निरस्त कर दिए गए। इसके खिलाफ भवनाथ सिंह ने मंडलायुक्त से शिकायत की थी। मंडलायुक्त ने शिकायत का अवलोकन करने के बाद तत्कालीन एसडीएम विजय शंकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि या तो पुर्नास्थापना प्रार्थना पत्र स्वीकार किया जा सकता है। या निरस्त किया जा सकता है। लेकिन आंशिक रूप से स्वीकार नहीं किया जा सकता। आंशिक रूप से स्वीकार करने का क्या तात्पर्य है यह आदेश में स्पष्ट नहीं है। इसी को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है कि मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि ये कैसा आदेश पारित किया है। इसका जबाव दो सप्ताह के भीतर दिया जाए। चेतावनी दी गई है कि क्यों न आपकी न्यायिक शक्तियों को सीज करने की संस्तुति की जाए।
पूरे मामले में उनका पक्ष सुना ही नहीं गया। एकतरफा निर्णय हुआ है। इससे विजय शंकर की भूमिका सन्दिग्ध दिख रही है। मिलीभगत की आशंका है। वे विजय शंकर के खिलाफ शासन में शिकायत करेंगे और इनके निलंबन की मांग करेंगे। भवनाथ सिंह, पूर्व जिलाधिकारी।