सीएमओ ने बिना पंजीकरण के चल रहे पारस अस्पताल को सील कर दिया। अस्पताल का मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी का वीडियो वायरल हुआ था। उसमें भर्ती दो मरीजों को सीएमओ ने सीएचसी में शिफ्ट कराया। निरीक्षण करने में अस्पताल का सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण नहीं पाया गया। जिसके चलते वह अवैध रूप से चल रहा था।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजीव सिंघल ने बताया कि रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो
धनौरा मार्ग पर स्थित पारस अस्पताल में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी का था। आनन फानन वह गजरौला पहुंचे। उन्होंने धनौरा मार्ग स्थित पारस अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल संचालक से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी के वीडियो के बारे में जानकारी ली, वह कोई सही जवाब नहीं दे सका। उससे अस्पताल के पंजीकरण के कागजात मांगे, लेकिन वह कोई कागजात नहीं दिखा सका। सीएमओ ने अपने कार्यालय में फोन कर अस्पताल के पंजीकरण की जानकारी ली, लेकिन पता चला कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। वह अवैध रूप से चल रहा था। जिसके चलते सीएमओ ने अस्पताल को सील कर दिया। उसमें भर्ती दो मरीजों को सीएचसी में शिफ्ट कराया गया। अस्पताल संचालक अनीस अहमद का पक्ष जानने के लिए उनको कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। जिसके चलते उनका पक्ष नहीं मिल सका है।