29 मई को रहरा थाना क्षेत्र के गांव नबावपुरा खादर निवासी 26 वर्षीय फौजी अंकित कुमार की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। वह पत्नी व बच्चों के साथ बाइक पर सवार होकर अमरोहा जा रहे थे। चेतन चौहान मार्ग पर सांड़ ने चलती बाइक पर हमला कर दिया था। वहीं छह जून को रूखालू निवासी 11 वर्षीय कक्षा पांच के छात्र दुष्यंत पर सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। 12 मार्च को सांड की टक्कर से बाइक सवार बिजनौर निवासी युवक की नौगांवा सादात क्षेत्र में मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने इत्तेफाक का मुकदमा दर्ज किया गया था।
19 मार्च रजबपुर के गांव गजरौला प्रभुवन के रहने वाले रामरत्न सिंह व उसका बेटा मजदूर मुनेंद्र सिंह बाइक से हसनपुर गए थे। शाम को लौटते समय अतरासी मार्ग घरौंट के पास बाइक को आवारा पशु ने टक्कर मार दी। इसके बाद नीचे गिरे मुनेंद्र पर सांड़ ने हमला कर दिया था। मुनेंद्र के सीने में सींग लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पांच मार्च को सैदनगली क्षेत्र के ग्राम गलसुआ निवासी किसान असगर की सांड के हमले में मौत हो गई थी। अभी तक पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिली है।
इसके कुछ दिन बाद ढबारसी निवासी भूरे सैफी को खेत पर काम करते हुए सांड़ ने कुचल कर कर मार डाला था। इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार पशुओं को पकड़ने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे पहले आदमपुर थानाक्षेत्र में बीजनपुर गांव निवासी नेमचंद को सांड़ ने हमला कर मार डाला था। सात अप्रैल को रहरा थाना क्षेत्र के गांव भावली निवासी किसान रामवीर पर हमला कर सांड़ ने जान ले ली थी।
सांड़ पकड़ने का अभियान लगातार चल रहा है। रोजाना सांड़ पकड़कर उन्हें संरक्षित किया जा रहा है। जल्द ही गुरैठा में नंदी अभ्यरण केंद्र में सभी सांड़ों को पकड़कर संरक्षित किया जाएगा। -अशोक कुमार शर्मा, एसडीएम हसनपुर।