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Amroha: सांड़ ने ले ली एक और जान, हमले में पांचवी के छात्र की मौत; परिजनों में मचा कोहराम

Fri, 09 Jun 2023 11:37 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रुखालू निवासी भरत सिंह का 11 वर्षीय बेटा दुष्यंत कक्षा पांचवीं में पढ़ता था। मंगलवार शाम को गांव में बरात आई हुई थी। दुष्यंत बरात देखने के लिए गया था। इस दौरान सांड़ ने बालक पर हमला कर दिया था।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमरोहा जिले में छुट्टा पशुओं का आतंक जारी है। बृहस्पतिवार को सांड़ के हमले से घायल पांचवीं के छात्र की उपचार के दौरान मौत हो गई। पिछले दो दिन से छात्र मेरठ के अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। वहीं सांड़ के हमले के बाद से ही गांव के लोग दहशत में है।

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हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रुखालू निवासी भरत सिंह का 11 वर्षीय बेटा दुष्यंत कक्षा पांचवीं में पढ़ता था। मंगलवार शाम को गांव में बरात आई हुई थी। दुष्यंत बरात देखने के लिए गया था। इस दौरान सांड़ ने बालक पर हमला कर दिया था। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह से छात्र को सांड़ के चुंगल से छुड़ाया था। इसके बाद सांड़ मौके से भाग गया था। सांड़ के हमले से छात्र बुरी तरह से घायल हो गया था।

परिजनों दुष्यंत को लेकर जिले के एक निजी अस्पताल में पहुंचे थे, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। मेरठ के अस्पताल में भी दुष्यंत की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर मेरठ से गांव पहुंचे, जहां परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर विधायक महेंद्र खड़गवंशी ने घर पहुंचकर मृतक के परिवार को सांत्वना दी। सरकार से हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। दुष्यंत दो भाइयों में सबसे बड़ा था।
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करीब तीन महीने में छुट्टा पशुओं ने ले ली आठ लोगों की जान
छुट्टा पशुओं द्वारा आए दिन किसी न किसी की जान ली जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसको लेकर गंभीर नहीं है। एक के बाद एक लोग छुट्टा पशुओं के हमले का शिकार हो रहे हैं और अधिकारी सांड़ों को पकड़ने का अभियान चलाए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। पिछले करीब तीन महीने में जिले में आठ लोगों की छुट्टा पशुओं ने जान ले ली है। मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रह है, लेकिन कोई समाधान अब तक निकलकर सामने नहीं आया है।

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29 मई को रहरा थाना क्षेत्र के गांव नबावपुरा खादर निवासी 26 वर्षीय फौजी अंकित कुमार की सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। वह पत्नी व बच्चों के साथ बाइक पर सवार होकर अमरोहा जा रहे थे। चेतन चौहान मार्ग पर सांड़ ने चलती बाइक पर हमला कर दिया था। वहीं छह जून को रूखालू निवासी 11 वर्षीय कक्षा पांच के छात्र दुष्यंत पर सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। 12 मार्च को सांड की टक्कर से बाइक सवार बिजनौर निवासी युवक की नौगांवा सादात क्षेत्र में मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने इत्तेफाक का मुकदमा दर्ज किया गया था।

19 मार्च रजबपुर के गांव गजरौला प्रभुवन के रहने वाले रामरत्न सिंह व उसका बेटा मजदूर मुनेंद्र सिंह बाइक से हसनपुर गए थे। शाम को लौटते समय अतरासी मार्ग घरौंट के पास बाइक को आवारा पशु ने टक्कर मार दी। इसके बाद नीचे गिरे मुनेंद्र पर सांड़ ने हमला कर दिया था। मुनेंद्र के सीने में सींग लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पांच मार्च को सैदनगली क्षेत्र के ग्राम गलसुआ निवासी किसान असगर की सांड के हमले में मौत हो गई थी। अभी तक पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिली है।

इसके कुछ दिन बाद ढबारसी निवासी भूरे सैफी को खेत पर काम करते हुए सांड़ ने कुचल कर कर मार डाला था। इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार पशुओं को पकड़ने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे पहले आदमपुर थानाक्षेत्र में बीजनपुर गांव निवासी नेमचंद को सांड़ ने हमला कर मार डाला था। सात अप्रैल को रहरा थाना क्षेत्र के गांव भावली निवासी किसान रामवीर पर हमला कर सांड़ ने जान ले ली थी।

सांड़ पकड़ने का अभियान लगातार चल रहा है। रोजाना सांड़ पकड़कर उन्हें संरक्षित किया जा रहा है। जल्द ही गुरैठा में नंदी अभ्यरण केंद्र में सभी सांड़ों को पकड़कर संरक्षित किया जाएगा। -अशोक कुमार शर्मा, एसडीएम हसनपुर।
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