जिला पंचायत की दुकानों पर रात में नियम विरुद्ध लिंटर डालने के लिए नगर को अंधेरे में डुबो दिया। शाम चार बजे गुल हुई बिजली रात नौ बजे नहीं आई तो नागरिकों ने बिजलीघर फोन कर जानकारी ली। उनको बताया गया कि केबल में फाल्ट हो गया। घर से बाहर निकल कर देखने पर पता चला कि लिंटर डाले जाने के कारण शट डाउन लिया गया है।
जिला पंचायत की इंद्रा चौक पर ओवरहेड टैंक के सामने दुकान हैं। जिन पर मंगलवार की शाम चार बजे से लिंटर डालने का काम शुरू हुआ। पास से गुजर रही बिजली लाइन से कोई हादसा न हो इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से साठगांठ कर शट डाउन लिया। एक दो घंटे तक बिजली नहीं आने पर नागरिक गर्मी के कारण रोस्टिंग समझते रहे। मगर रात को नौ बजे तक भी आपूर्ति नहीं मिली तो इन्वर्टर ठप हो गए और लोगों ने बिजलीघर फोन कर जानकारी की तो बताया कि केबल में फाल्ट हो गया है। लेकिन ये बात लोगों के गले नहीं उतरी तो उन्होंने जानकारी की। पता चला कि जिला पंचायत की दुकानों पर लिंटर डालने के लिए शटडाउन लिया गया है।
जिला पंचायत के कार्य अधिकारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि उनको जानकारी नहीं है, मगर रात में लिंटर नहीं डाला जा सकता। उधर बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने किसके कहने पर पांच घंटे तक शट डाउन देकर नगर को अंधेरे में डुबोए रखा, इसका जवाब कोई नहीं दे सका। जेई ने बताया कि वह अवकाश पर हैं, एक्सईन का फोन नहीं उठा।