अमरोहा। चिराग के पिता राजू और मां खेमवती गांव में किराये की दुकान में सिलाई का काम करते हैं। चिराग गांव के ही स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था, जबकि उसकी बहन कोमल और छोटा भाई जय भी उसी स्कूल में पढ़ते थे।
बुधवार को तीनों भाई बहन में कोई भी स्कूल नहीं गया था। लिहाजा राजू अपनी बेटी कोमल के साथ खेत पर काम करने चले गए थे। मां खेमवती के मुताबिक सुबह करीब नौ बजे चिराग अपने छोटे भाई जय के साथ पिता और बहन का खाना लेकर गया था। जिसके बाद करीब साढ़े दस बजे दोनों भाई गांव वापस आकर अपनी मां के पास दुकान पर चले गए थे। इस दौरान जय अपनी मां के पास दुकान में सो गया, जबकि चिराग घर आ गया था। करीब 11:30 उसकी बहन कोमल भी घर आ गई। इस दौरान जैसे ही कोमल घर पहुंचकर झाड़ू लगाने लगी, तभी घर में ही दीवार और ईंटों के ढेर के बीच चिराग के पैर दिखाई दिए। कोमल ने जाकर देखा तो चिराग अचेत अवस्था में पड़ा हुआ था। तुरंत ही उसने शोर मचा दिया। थोड़ी देर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान चिराग के चेहरे पर चोट के निशान थे, जबकि गले पर रस्सी से गला घोंटने जैसा निशान बना हुआ था। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और चिराग के शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसके गला घोटकर हत्या की पुष्टि हुई है।