मंडी धनौरा। कहते हैं यदि किसी काम को करने का जज्बा हो तो वह काम असंभव नहीं होता है। यह कहावत विकास खंड की ग्राम पंचायत ढयोटी पर खरी उतरती है। ढयोटी ग्राम पंचायत जनपद की सभी ग्राम पंचायतों के लिए विकास का माॅडल बनी हुई है। गांव में हुए विकास कार्य व स्वच्छता सर्वेक्षण में ढयोटी ग्राम पंचायत को राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
विकास खंड की सबसे बड़ी पांच ग्राम पंचायतों में से एक ढयोटी के युवा ग्राम प्रधान ऊधम सिंह ने चार्ज संभालने के साथ गांव की दशा व दिशा बदलने का भी निर्णय लिया। उन्होंने प्रधान बनने के एक माह बाद ही ग्रामवासियों के साथ बैठक कर गांव को मॉडल बनाने के लिए सहयोग की अपील की। गांव वालों ने भी प्रधान की मंशा समझते हुए कंधे से कंधा मिलाकर चलने का वादा किया। पहले चरण को गांव को साफ-सुथरा बनाने के लिए कूड़े का डोर टू डोर कलेक्शन करने की शुरूआत की गई। गांव में दो लोग घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र कर रहे हैं।
सूखे व गीले कूड़े को अलग अलग करने के लिए गांव में पृथक्कीकरण प्लांट लगाया गया है। घर-घर कूड़ा एकत्र करने से एक ओर गांव के दो लोगों को रोजगार मिल रहा है तो वहीं कूड़े से ग्राम पंचायत को अतिरिक्त आमदनी हो रही है। गाय व भैंस के गोबर से वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है। गांव के गंदे पानी को फिल्टर करने के बाद ही तालाब में भेजा जाता है। नालियों में सिल्ट कैचर लगाए गए हैं। गांव के संविलियन विद्यालय में करीब 700 बच्चे पढ़ रहे हैं जो कि संख्या के मामले में पूरे विकास खंड में रिकार्ड है। गांव का अमृत सरोवर भी देखने लायक है। युवाओं के लिए खेल का मैदान भी बनाया गया है। आज ढयोटी गांव की सूरत बदली नजर आती है। इसके लिए ग्राम प्रधान के साथ गांव की जनता का सहयोग भी प्रशंसनीय है।