अमरोहा। मध्य गंगा नहर की जमीन को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से चार गांव के चालीस किसानों पर दर्ज कराए गए मुकदमे खत्म हो गए हैं। किसानों पर मुकदमे दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अफसरों से नाराजगी जताई थी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों मुकदमों को खत्म कर दिया।
बड़ी बात यह है कि नहर निर्माण खंड चंदौसी के सहायक अभियंता और दरोगा ने जो आरोप किसानों पर लगाए थे वह हुए ही नहीं हैं। उधर, किसान चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। वहीं मुकदमे खत्म होने के बाद किसानों में खुशी का माहौल है।
जनपद में मध्य गंगा नहर के निर्माण का कार्य चल रहा है। पूरे जिले में काम पूरा हो चुका है लेकिन तीन गांव कूबी, रामपुर घना व मोहनपुर में अभी तक लटका है। इन तीनों गांव के किसान बीते साढ़े ग्यारह महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। कूबी में महिलाएं भी लगातार भूख हड़ताल पर बैठी हैं। 29 अक्तूबर की सुबह डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह की नेतृत्व में छह जेसीबी लगाकर रामपुर घना गांव के जंगल में नहर खोदाई का कार्य शुरू कर दिया गया। जानकारी किसानों को हुई तो उनका गुस्सा भड़क गया था। किसानों और अधिकारियों के बीच खींचतान हो गई थी। महिलाएं जबरन नहर की खोदाई की जानकारी मिलते ही भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी दानवीर सिंह और जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह संगठन के तमाम पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। मौके की नजाकत देखते जेसीबी मशीनों को दूसरे स्थान पर लगा दिया गया था। तब से अब तक तीन बार किसानों और अधिकारियों के बीच कई वार वार्ता हो चुकी है। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है।
19 नवंबर को नहर निर्माण खंड चंदौसी के सहायक अभियंता द्वितीय संजय शर्मा और पपसरा चौकी प्रभारी रवि कुमार चालीस किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए दिए थे। जल्द ही एक्सपंज रिपोर्ट न्यायालय को भेजी जाएगी।
सहायक अभियंता ने इनपर दर्ज कराया था केस
बीस नवंबर को मध्य गंगा नहर निर्माण खंड चंदौसी के सहायक अभियंता द्वितीय संजय शर्मा ने रामपुर घना के रहने वाले किसान नरेश, आरिफ हसन, मोहम्मद आजम, तबरेज आलम, भौंदा, समद, आरिफ, अतीकुर्रहमान, मोहम्मद अली उर्फ मोहम्मद नवस, जैबुल निशा, गौहर अली, सऊद अली, बाबू हसन, दाउद अली, प्रेमनाथ तिवारी, रवि किष्ण सक्सेना, मोहम्मदपुर नवादा के रहने वाले ऋषि पाल, रामपुर जनपद के मोहल्ला नसीराबाद मिल्क के रहने वाले प्रकाश चंद्र सक्सेना और नीरा सक्सेना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इन किसानों पर 29 अक्टूबर को जमीन में खोदे गए गड्ढों को समतल कर अवैध कब्जा करने का आरोप था। इतना ही नहीं राजकीय धान की हानि पहुंचाना, जमीन पर अवैध कब्जा करने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, गाली गलौज करने का आरोप था।
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पपसरा चौकी प्रभारी ने इन किसानों पर दर्ज कराया था केस
रजबपुर थाने पपसरा चौकी प्रभारी रवि कुमार ने दूसरी एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें षड्यंत्र के तहत लोगों के साथ मिलकर बलपूर्वक सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में कूबी गांव के रहने वाले मायाराम, सुखवीर सिंह, अशोक कुमार सतपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह, हरीराज, पतराम सिंह, गजम सिंह, गुरदेव सिंह, घंसूरपुर के रहने वाले रामवीर सिंह, हनी सिंह, मोहनपुर जानिब जानुबी निवासी जयवीर सिंह, पिंकू, नसब, रामपुर घना के रहने वाले हसन तरूफ, मोहम्मद रफी, मेहराजुल, नरेश, मोबीन और मोइन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
ये है पूरा मामला
जिले में मध्य गंगा नहर के निर्माण का कार्य चल रहा है। पूरे जिले में काम पूरा हो चुका है लेकिन तीन गांव कूबी, रामपुर घना व मोहनपुर में अभी तक लटका है। इन तीनों गांव के किसान बीते साढ़े ग्यारह महीने से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। किसान मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कूबी में महिलाएं भी लगातार भूख हड़ताल पर बैठी हैं। 29 अक्तूबर की सुबह डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह की नेतृत्व में छह जेसीबी लगाकर रामपुर घना गांव के जंगल में नहर खोदाई का कार्य शुरू कर दिया गया। जानकारी किसानों को हुई तो उनका गुस्सा भड़क गया था। किसानों और अधिकारियों के बीच खींचतान हो गई थी। किसानों का आक्रोश देखकर प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा था। जब से अब तक तीन बार किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता हो चुकी है। इसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से 40 किसानों पर दो एफआईआर दर्ज की गई है।
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मध्य गंगा नहर की जमीन को लेकर रजबपुर थाने में चार गांव के 40 किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। उन्हें खत्म कर दिया गया है। वादियों द्वारा मुकदमे में जो आरोप लगाए गए थे, विवेचक ने उस तरह की घटना मौके पर होना नहीं पाया है।
-विजय कुमार राणा, सीओ सिटी